#अपराध
September 17, 2025
हिमाचल: शिक्षक ने पार की हदें, ITI की छात्रा से कर दी नीच हरकत; थाने पहुंची पीड़िता की मां
थाने पहुंची पीड़िता की मां, पुलिस ने गिरफ्तार किया आईटीआई शिक्षक
शेयर करें:

हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले से एक बेहद सनसनीखेज खबर सामने आई है। इस खबर ने देवभूमि कहे जाने वाले हिमाचल और गुरु शिष्या के रिश्ते को दागदार कर दिया है। हमीरपुर जिला के एक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान आईटीआई में पढ़ रही छात्रा के साथ उसके शिक्षक ने ही छेड़छाड़ कर दी है। इस घटना के सामने आने के बाद पूरे जिला में सनसनी फैल गई है।
मिली जानकारी के अनुसार यह घटना हमीरपुर जिला के बड़सर उपमंडल में स्थित एक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) की है। यहां पढ़ रही छात्रा के साथ एक शिक्षक द्वारा की गई कथित छेड़छाड़ की घटना से हर कोई दहशत में है, खासकर उस आईटीआई में पढ़ रही अन्य छात्राओं के अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। यह मामला केवल एक छात्रा की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि गुरु.शिष्य की पवित्र परंपरा और शिक्षण संस्थानों की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
यह भी पढ़ें : मंत्री विक्रमादित्य ने किया खुलासा, कब होगा स्व. राजा वीरभद्र सिंह की प्रतिमा का अनावरण, जानें
प्राप्त जानकारी के अनुसार बणी क्षेत्र में स्थित एक आईटीआई में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही छात्रा ने अपने परिवार को बताया कि संस्थान में कार्यरत एक शिक्षक ने उसके साथ आपत्तिजनक व्यवहार किया। घटना की जानकारी मिलते ही पीड़िता की मां ने बड़सर पुलिस थाना में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
यह भी पढ़ें : धर्मपुर बस अड्डे से मिला सबक, CM सुक्खू बोले अब नहीं दोहराई जाएगी ऐसी गलती
पुलिस सूत्रों का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। न केवल आरोपी से पूछताछ की जा रही है, बल्कि संस्थान की अन्य छात्राओं व स्टाफ सदस्यों के भी बयान लिए जा रहे हैं, ताकि सच्चाई का पता चल सके और किसी भी तरह की चूक न रहे।
इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने प्रदेशभर में अभिभावकों के बीच गहरी चिंता और असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। एक ओर जहां सरकार और प्रशासन शिक्षण संस्थानों को सुरक्षित शिक्षा के मंदिर के रूप में स्थापित करने का दावा कर रहे हैं, वहीं आए दिन सामने आ रहे ऐसे मामले इस दावे की पोल खोलते नजर आते हैं। पिछले कुछ वर्षों में हिमाचल प्रदेश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से इस तरह की शिकायतें सामने आई हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह कोई एकांत मामला नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक चुनौती बन चुका है।
छात्रा से छेड़छाड़ की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों और अभिभावकों में जबरदस्त रोष फैल गया है। अभिभावकों का कहना है कि वे अपने बच्चों को भविष्य संवारने के लिए संस्थानों में भेजते हैंए न कि मानसिक या शारीरिक उत्पीड़न सहने के लिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि दोषी शिक्षक को जल्द से जल्द न्यायिक प्रक्रिया के तहत कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई भी शिक्षक या स्टाफ सदस्य ऐसा दुस्साहस करने की हिम्मत न कर सके।
बड़सर पुलिस के अनुसार मामले को गंभीरता से लिया गया है और सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं अपनाई जा रही हैं। अधिकारी ने बताया कि सबूतों और गवाहों के आधार पर उचित धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हमारे शिक्षण संस्थान वास्तव में छात्रों के लिए सुरक्षित हैं? शिक्षक, जिन्हें बच्चों का मार्गदर्शक और संरक्षक माना जाता है, जब वही भरोसे को तोड़ते हैं, तो पूरा तंत्र कठघरे में आ जाता है।