#अपराध
January 29, 2026
धर्मशाला छात्रा केस में बड़ा अपडेट- आरोपी प्रोफेसर का होगा नार्को टेस्ट, पुलिस पूछेगी गंभीर सवाल
प्रोफेसर से पुलिस पुछ सकती है मामले से जुड़े सवाल
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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में जिला कांगड़ा के धर्मशाला में बहुचर्चित पल्लवी केस, जिसमें रैगिंग और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों के चलते एक युवती की जान चली गई।अब पुलिस ने मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए कोर्ट से अनुमति लेकर आरोपी प्रोफेसर का नार्को टेस्ट कराने का फैसला किया है।
बता दें कि, धर्मशाला में 19 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अभी भी लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। इस मामले में पुलिस ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। अब पुलिस आरोपी प्रोफैसर का नार्को टेस्ट कराने जा रही है।
पुलिस ने इस काम के लिए कोर्ट से अनुमति ली है और मामले की जांच के लिए आरोपी प्रोफेसर को शिमला ले जाया गया है। शिमला के जुन्गा स्थित स्टेट फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) में प्रोफेसर का नार्को टेस्ट किया जाएगा। वहीं पुलिस मैडीकल रिपोर्ट और डिजिटल सबूतों की जांच भी लगातार कर रही है।
पुलिस को अब भी कुछ मोबाइल फोनों की रिपोर्ट का इंतजार है, जिन्हें फोरेंसिक लैब में जांच के लिए भेजा गया था। पुलिस का मानना है कि इन मोबाइल फोनों से मिलने वाले डिजिटल सबूत इस केस की सच्चाई तक पहुंचने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
इस नार्को टेस्ट में पुलिस आरोपी प्रोफेसर से सीधे उन सवालों के जवाब ले सकती है जो युवती द्वारा लगाए गए आरोपों से जुड़े हैं। छात्रा ने एक वीडियो में कहा था कि प्रोफेसर उसे शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता था।
नार्को टेस्ट का इस्तेमाल किसी व्यक्ति से जानकारी निकालने के लिए किया जाता है, खासकर तब जब वह सच बताने में हिचकिचा रहा हो या जानकारी देने को तैयार न हो। आसान शब्दों में, यह टेस्ट किसी के मन में छुपी हुई सच्चाई को बाहर लाने में मदद करता है।
धर्मशाला की 19 वर्षीय छात्रा की मौत 26 दिसंबर को संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। मामला तब और गंभीर हो गया जब 31 दिसंबर और 1 जनवरी को एक वीडियो वायरल हुआ। इस वीडियो के बाद पुलिस ने धर्मशाला कालेज की चार छात्राओं के खिलाफ रैगिंग और मारपीट और एक प्रोफेसर पर शारीरिक उत्पीड़न के आरोप में मामला दर्ज किया।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए UGC (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) , महिला आयोग और राज्य शिक्षा निदेशालय ने भी संज्ञान लिया। पुलिस ने मैडीकल बोर्ड की रिपोर्ट भी हासिल कर ली है, जो छात्रा की मौत और मामले की जांच में अहम साबित हो रही है। अब पुलिस सभी साक्ष्यों और डिजिटल सबूतों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि छात्रा की मौत के पीछे वास्तव में क्या हुआ और कौन जिम्मेदार है।