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April 21, 2025

हिमाचल: नशा छोड़ने के लिए ऑनलाइन मंगवा रहा था यह खतरनाक ड्रग, पुलिस ने धरा युवक

कहीं आपके बच्चे भी इसका नशा तो नहीं कर रहे? 

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Chamba Online Drug

चंबा। हिमाचल प्रदेश में चिट्टा और चरस तस्करों पर पुलिस के भारी दबाव को देखते हुए युवा अब ऑनलाइन प्लैटफॉर्म से नशा मंगवा रहे हैं। चंबा के बनीखेत में पुलिस ने एक ऐसे ही नशेरी युवक को धरा है, जो प्रतिबंधित दवा का एक साल से नशा कर रहा था।

 

पुलिस की पूछताछ में युवक ने बचने के लिए कहा कि वह नशा छोड़ने के लिए इस दवा का उपयोग कर रहा था। हालांकि, सच्चाई यह है कि प्रेगा कैप्सूल के नाम की दवा को पड़ोसी राज्य पंजाब में घोड़े का कैप्सूल कहा जाता है और एक बार इसकी लत पड़ने पर व्यक्ति को अपना जीवन दांव पर लगाना पड़ता है।

 

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घोड़ों को दी जाती है यह दवा

पुलिस को आरोपी युवक के बारे में स्थानीय शिव शक्ति यूथ क्लब ने सूचना दी थी। आरोपी की पहचान राजनगर चंबा के रहने वाले चंदन ठाकुर उर्फ चंदू के रूप में हुई है। चंदू अपने दोस्त सनी के साथ मिलकर प्रेगा कैप्सूल को ऑनलाइन प्लैटफॉर्म से मंगवाता था। इस दवा को मिर्गी और गठिया जैसी बीमारियों के मरीजों को दिया जाता है। इसकी खासियत यह है कि यह दिमाग की तंत्रिकाओं पर असर डालता है, जिससे व्यक्ति को दर्द का अहसास नहीं होता।

 

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पंजाब में अस्तबल के घोड़ों को चोट लगने पर यह दवा दी जाती है, ताकि उन्हें दर्द से आराम मिले। हालांकि, मेडिकल स्टोर पर इस दवा को डॉक्टर की पर्ची के बिना बेचा नहीं जा सकता, लेकिन कई ऑनलाइन प्लैटफॉर्म पर यह दवा बिना पर्ची के मिल रही है। चंदू का दावा है कि वह बीते एक साल से चिट्टे की लत छुड़वाने के लिए इस दवा का उपयोग कर रहा था। पुलिस को उसके घर की तलाशी में 50 प्रेगा कैप्सूल मिले हैं। 

 

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मंडल की पहल पर पकड़ा

बनीखेत का शिव शक्ति युवक मंडल काफी समय से युवाओं को नशे की लत से दूर करने पर काम कर रहा है। रविवार शाम को जैसे ही मंडल को चंदू की खबर लगी, कार्यकर्ताओं ने बिना देर किए पुलिस की मदद से उसे पकड़ा। मामले की जानकारी ड्रग इंस्पेक्टर को भी दी गई है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है, लेकिन बड़ा सवाल बिना डॉक्टरी परामर्श के ऑनलाइन बिक रहीं नशीली दवाओं के व्यापार का है। नारकोटिक्स विभाग के लिए इस पर काबू पाना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

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