#अपराध
August 3, 2025
हिमाचल में नशेड़ियों का नया जुगाड़: ऑनलाइन मंगवा रहे नशीली दवाएं, कुरियर सेंटर में मिली बड़ी खेप
कुरियर सेंटर में छापा मार कर नशीली दवाओं की तस्करी का पर्दाफाश
शेयर करें:

चंबा। जब सरकार और स्वास्थ्य प्रशासन ने मेडिकल स्टोर्स पर प्रतिबंधित नशीली दवाओं की बिक्री पर सख्ती बढ़ा दी, तो नशे के लती युवाओं और गिरोहों ने अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए नया रास्ता खोज लिया ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म। ऐसे की एक बड़े मामले का खुलासा हिमाचल के चंबा जिला में हुआ है। यहां स्वास्थ्य विभाग और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ;।छज्थ्द्ध की संयुक्त कार्रवाई में भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली दवाइयों का भंडाफोड़ किया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार गुप्त सूचना के आधार पर ड्रग्स इंस्पेक्टर चंबा और कांगड़ा यूनिट की एएनटीएफ टीम ने कोटी क्षेत्र में स्थित एक प्राइवेट कुरियर डिलीवरी सेंटर ईकार्ट पर छापा मारा। तलाशी के दौरान वहां से 4000 नशीले कैप्सूल और 490 पैरासिटामोल टैबलेट्स बरामद की गईं। इन दवाओं की बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 46,000 रुपए आंकी गई है।
यह भी पढ़ें : 'हिमाचल के लिए लॉटरी अभिशाप' : धूमल-वीरभद्र दोनों ने लगाया था बैन, पूर्व CM ने बताई वजह
विशेष बात यह रही कि यह सभी दवाइयां बिना किसी डॉक्टर की वैध पर्ची और बिना बिल के मंगवाई गई थीं, जो कि स्पष्ट रूप से ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्टए 1940 का उल्लंघन है। कार्रवाई के दौरान दवाओं को मौके पर ही जब्त कर लिया गया और संबंधित धारा 18(सी) और 18 (बी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी दी कि जब्त की गई दवाइयों को आगामी 5 अगस्त को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सीजेएम चंबा की अदालत में पेश किया जाएगा। इस मामले में यह भी जांच की जा रही है कि दवाइयों का ऑर्डर किस व्यक्ति या गिरोह ने किया था और इनका उपयोग किस उद्देश्य के लिए किया जाना था। क्या यह दवाइयां सीधे नशे के उपयोग के लिए मंगवाई गई थीं या इनका संबंध किसी अन्य आपराधिक गतिविधि से है, यह जांच का विषय बना हुआ है।
ड्रग इंस्पेक्टर लवली ठाकुर ने बताया कि जिले में हाल ही में 5 से 6 फर्जी डॉक्टर पर्चियों का पता चला है। कुछ मामलों में बड़े अस्पतालों के नाम पर भी नकली पर्चियां तैयार की गई थीं, जिनका उपयोग करके ऑनलाइन माध्यम से दवाइयां मंगवाई गईं। इनमें से कई पर्चियां स्कूली और कॉलेज स्तर के युवाओं द्वारा प्रयोग में लाई गई थीं। फिलहाल इन पर्चियों की वैरिफिकेशन प्रक्रिया चल रही है, जिसके बाद संबंधित व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने चंबा जिले की सभी कुरियर सर्विस कंपनियों को नई गाइडलाइंस जारी की हैं। अब किसी भी मेडिकल पार्सल को बिना उचित पहचान आधार कार्ड व नाम सत्यापन के डिलीवर नहीं किया जाएगा। सभी कुरियर कंपनियों को पार्सल भेजने और प्राप्त करने वाले का पूरा रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा, हर महीने का पार्सल रिकॉर्ड स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराना होगा। जरूरत पड़ने पर पार्सल रिसीवर की फोटो भी रिकॉर्ड में शामिल करनी होगी।
यह भी पढ़ें : आपदा ने छीना रास्ता- सरकार ने फेरी नजरें, मलाणा के लोगों ने खुद पुल बनाने का लिया फैसला
स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन की यह संयुक्त कार्रवाई चंबा जिले में नशे के बढ़ते खतरे के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। यह मामला इस ओर भी इशारा करता है कि अब नशे के सौदागर पारंपरिक दुकानों की बजाय डिजिटल प्लेटफॉर्म और कुरियर नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे निगरानी की चुनौती बढ़ गई है। एसपी चंबा अभिषेक यादव ने कहा है कि नशीली या नियंत्रित दवाओं का बिना विधिक प्रावधानों के क्रय.विक्रय दंडनीय अपराध है। इस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मामले की गहन जांच जारी है।