#अपराध
March 15, 2025
हिमाचल: बंबर ठाकुर मामले में पुलिस ने हिरासत में लिया चालक, गाड़ी भी की जब्त
गाड़ी में नहीं मिले हमलावर, चालक से होगी पूछताछ
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बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिला में पूर्व कांग्रेस विधायक बंबर ठाकुर पर हमला करने के मामले में पुलिस को पहली सफलता मिली है। पुलिस ने उस गाड़ी को कब्जे में ले लिया है, जिसमें बंबर ठाकुर को गोली मार कर यह शूटर भागे थे। इसके साथ ही गाड़ी के चालक को भी हिरासत में ले लिया है। हालांकि अभी तक पुलिस के किसी अधिकारी ने इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
बता दें कि होली के दिन चार शूटरों ने कांग्रेस के पूर्व विधायक बंबर ठाकुर के घर में घुस कर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं। बताया जा रहा है कि शूटरों ने 22 से 24 राउंड फायरिंग की। हालांकि पहले 12 गोलियां चलाए जाने की बात कही जा रही थी। गोलियां चलाने वालों की संख्या चार बताई जा रही है।
हमला करने के बाद यह लोग एक गाड़ी में सवार होकर मंडी, कुल्लू की तरफ भागे थे। जिस पर पुलिस ने नाकाबंदी करते हुए जिस गाड़ी में हमलावर भागे थे, उसे मंडी के आसपास पकड़ लिया है। लेकिन उसमें हमलावर नहीं थे।
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बताया जा रहा है कि हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं। जिसमें एक गोली कांग्रेस के पूर्व विधायक बंबर ठाकुर और दो गोलियां उनके पीएसओ को लगी हैं। बंबर ठाकुर का आईजीएमसी में इलाज चल रहा है। जबकि उनके पीएसओ को एम्स में भर्ती करवाया गया है। इसके अलावा एक अन्य शख्स को भी गोली लगी है।
इस सब के बीच अस्पताल में उपचाराधीन बंबर ठाकुर का पहला बयान भी सामने आया है। जिसमें उन्होंने सीधे सीधे भाजपा विधायक त्रिलोक जम्वाल और कुछ अन्य भाजपा नेताओं पर लगाया है। उन्होंने कहा कि उन पर हमला करने वाले नशा माफिया थे। जिन्हें बीजेपी विधायक का संरक्षण प्राप्त है। इतना ही नहीं यही नशा माफिया त्रिलोक जम्वाल को फंडिंग भी करते हैं। उन पर हमला करने वाले नशा माफिया कई बार विधायक के साथ देखे गए हैं।
बंबर ठाकुर ने एम्स बिलासपुर में इलाज करवाने की सलाह पर कहा कि एम्स में उनकी जान को खतरा है। एम्स में बड़े नेता उन्हें गलत इंजेक्शन देकर मरवा सकते हैं। इसका कारण अभी हाल ही में जगत प्रकाश नड्डा जब बिलासपुर में आए थे, तब उन्होंने एक प्लॉट में भ्रष्टाचार सहित कई घोटालों को के मामले को उठाया था। ऐसे में उन्हें लगता है कि एम्स में इलाज के दौरान उनकी जान भी ली जा सकती है।
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अपने ऊपर हुए हमले पर बंबर ठाकुर ने बताया कि हमलावरों ने पहले रैकी की। इतना ही नहीं बिलासपुर के जंगल में उन्होंने निशाना लगाने का अभ्यास भी किया था। जिसकी भनक पुलिस को लगी और पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस को जंगल में गोली के खाली खोल भी जंगल में मिले थे। लेकिन आरोपी के पास बंदूक ना मिलने से वह छूट गया था।
बंबर ठाकुर ने बताया कि उन पर नशा माफिया ने हमला करवाया है। जिसके लिए बाहर से शूटर बुलाए गए थे। मुझे रास्ते से हटाने और जान से मारने के लिए इससे पहले भी मुझ पर हमला करवाया गया था। अब एक बार फिर इन नशा माफिया ने उन्हंे घर में घुस कर गोली मारी है। बंबर ठाकुर ने कहा कि मुझे और मेरे पूरे परिवार को इन नशा माफिया से खतरा है।
बंबर ठाकुर ने बताया कि चुनाव के दौरान उनके बेटे पर भी हमला करवाया गया था। यह हमला भी बीजेपी विधायक त्रिलोक जम्वाल के कहने पर नशा माफिया ने करवाया था। जिसके बाद मैंने और मेरे बेटे ने अपनी सुरक्षा के लिए बंदूक के लाइसेंस के लिए भी आवदेन किया था, लेकिन गृह विभाग ने अनुमति नहीं दी। सरकार ने उन्हें सुरक्षा प्रदान की थी। जिसका भी स्थानीय भाजपा विधायक ने विधानसभा में विरोध किया था।