#अपराध
August 18, 2026
हिमाचल : रावी नदी का तेज बहाव बना बाधा- नहीं मिला 6 साल का मासूम, हफ्ते से तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस ने दर्ज किए मां के बयान
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चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में रावी नदी में लापता हुए छह वर्षीय मासूम को एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी बरामद नहीं किया जा सका है। बच्चे की तलाश में चलाया जा रहा सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है। मगर अब तक पुलिस और स्थानीय लोगों के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लगा है।
नदी के तेज बहाव और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण तलाशी अभियान में भी मुश्किलें आ रही हैं। हालांकि पुलिस के साथ-साथ ग्रामीण और बच्चे के परिजन अपने स्तर पर भी नदी के आसपास के इलाकों में तलाश कर रहे हैं।
सोमवार को भी बच्चे के दादा जयपाल के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने चकलू तक विभिन्न स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। ग्रामीणों ने नदी के किनारे और आसपास के संभावित स्थानों को खंगाला, लेकिन देर तक तलाश के बावजूद बच्चे का कोई पता नहीं चल सका। परिजनों के लिए हर गुजरते दिन के साथ चिंता बढ़ती जा रही है और वे अभी भी बच्चे के मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं।
मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने लापता बच्चे की मां सारिका के बयान भी दर्ज किए हैं। महिला अपने मायके पक्ष के परिजनों के साथ चंबा पहुंची थी, जहां पुलिस ने उससे घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं को लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, महिला ने जांच में सहयोग करते हुए अधिकारियों के सवालों के जवाब दिए।
पुलिस को दिए बयान में महिला ने बताया कि उसके पति ने फोन पर बच्चे को नदी में फेंकने की बात कही थी। महिला के मुताबिक उसने अपने छह वर्षीय बेटे को उसके पिता के भरोसे छोड़ा था और उसे इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि मामला इतनी गंभीर और भयावह स्थिति तक पहुंच जाएगा।
महिला ने पुलिस के सामने यह भी कहा कि उसे अभी तक विश्वास नहीं हो रहा है कि उसके पति ने अपने ही मासूम बेटे को नदी में फेंक दिया। उसने पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रही अनबन और विवाद की बात भी स्वीकार की है।
जानकारी के अनुसार, आरोपी हितेष और उसकी पत्नी के बीच विवाद चल रहा था। इसी कारण महिला अपने मायके गई हुई थी। 10 अगस्त को आरोपी ने अपनी पत्नी को फोन किया था। बातचीत के दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई। आरोप है कि इसके बाद हितेष ने अपने छह वर्षीय बेटे को परेल पुल से नीचे उफनती रावी नदी में फेंक दिया।
घटना के बाद से बच्चे की तलाश लगातार की जा रही है। नदी में तेज बहाव होने के कारण तलाशी दलों के सामने चुनौती बनी हुई है। संभावित स्थानों पर खोजबीन के साथ-साथ नदी के बहाव वाले हिस्सों में भी बच्चे की तलाश की जा रही है।
पुलिस के समक्ष बयान दर्ज करवाने के बाद सारिका अपने मायके पक्ष के परिजनों के साथ अमृतसर लौट गई। हालांकि पुलिस मामले की जांच में उसके बयान को महत्वपूर्ण मान रही है और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों को भी खंगाला जा रहा है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना से पहले आरोपी और उसकी पत्नी के बीच किस तरह का विवाद हुआ था और घटना के समय परिस्थितियां क्या थीं। इसके अलावा पुलिस आरोपी के बयानों तथा अन्य उपलब्ध तथ्यों का भी मिलान कर रही है।
पुलिस के सर्च ऑपरेशन के साथ स्थानीय ग्रामीण भी लगातार बच्चे की तलाश में जुटे हुए हैं। बच्चे के दादा जयपाल सहित कई ग्रामीण नदी के आसपास के इलाकों में पहुंचकर संभावित स्थानों पर खोजबीन कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक बच्चे का पता नहीं चलता, तब तक वे अपने स्तर पर तलाश जारी रखेंगे।
परिजनों के लिए यह समय बेहद कठिन बना हुआ है। एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद बच्चे का कोई सुराग नहीं मिलने से परिवार की बेचैनी बढ़ती जा रही है। इसके बावजूद वे बच्चे के मिलने की उम्मीद नहीं छोड़ रहे हैं।
SP विजय कुमार सकलानी ने बताया कि पुलिस ने बच्चे की मां के बयान दर्ज कर लिए हैं। मामले की जांच में सामने आ रहे सभी तथ्यों को ध्यान में रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चे का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है और उसकी तलाश के लिए अभियान जारी है।
पुलिस घटना के कारणों से लेकर आरोपी और उसके परिवार के बीच चल रहे विवाद तक हर पहलू की जांच कर रही है। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती लापता बच्चे का पता लगाना है। पुलिस और स्थानीय लोग नदी तथा आसपास के संभावित क्षेत्रों में लगातार खोजबीन कर रहे हैं।
छह वर्षीय मासूम के एक सप्ताह से लापता होने के कारण पूरे क्षेत्र में चिंता का माहौल है। अब सभी की नजर सर्च ऑपरेशन पर टिकी है और परिवार को उम्मीद है कि जल्द ही बच्चे के बारे में कोई जानकारी सामने आएगी।