इसी कड़ी में कांगड़ा जिला पुलिस ने ‘नशा मुक्त हिमाचल अभियान’ के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में हेरोइन (चिट्टा) के साथ दो बाहरी राज्यों के तस्करों को गिरफ्तार कर नशे के कारोबार पर करारा प्रहार किया है।
देहरा के पुलिस अधीक्षक मयंक चौधरी ने बताया कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग और तस्करी के खिलाफ जिला पुलिस पूरी सख्ती के साथ ‘जीरो-टॉलरेंस’ नीति पर काम कर रही है। इसी नीति के तहत पुलिस ने अपनी गश्त और निगरानी को तेज किया है।
तस्कर अलग-अलग इलाकों को बना रहे निशाना
उन्होंने बताया कि बीते तीन दिनों में चिट्टे की बरामदगी का यह तीसरा मामला है, जो इस बात की ओर इशारा करता है कि तस्कर लगातार हिमाचल के अलग-अलग इलाकों को निशाना बना रहे हैं। ताजा मामले में पुलिस टीम ने दो नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है- जो नाले के पास ग्राहक का इंतजार कर रहे थे।
गश्त पर थी पुलिस टीम
SP चौधरी के अनुसार, बीते कल देर रात देहरा थाना की पुलिस टीम नियमित मध्यरात्रि गश्त पर थी। इस दौरान कुरुं क्षेत्र के पास एक नाले के समीप दो युवक संदिग्ध हालत में घूमते नजर आए। पुलिस टीम ने शक के आधार पर उन्हें रोका और तलाशी ली।
27 ग्राम चिट्टा बरामद
तलाशी के दौरान दोनों के कब्जे से 27 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, जिसके बाद उन्हें मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया।
आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पंजाब के फिरोजपुर जिले के नूरपुर क्षेत्र निवासी 32 वर्षीय अजय कुमार और बिहार के सितामढ़ी जिले के निवासी 25 वर्षीय कृष्णा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार कृष्णा हाल ही में पंजाब के लुधियाना में रह रहा था।

कहां सप्लाई करने वाले थे खेप?
दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि चिट्टे की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे किन-किन क्षेत्रों में सप्लाई किया जाना था।
3 दिन में चार तस्कर अरेस्ट
गौरतलब है कि इससे पहले 20 जनवरी को रक्कड़ थाना क्षेत्र में भी पुलिस ने एक तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 1.30 ग्राम चिट्टा और 32 नशीले कैप्सूल बरामद किए थे। इन ताजा मामलों को मिलाकर देहर पुलिस ने महज तीन दिनों में चार तस्करों को गिरफ्तार किया है और कुल 29.63 ग्राम चिट्टा के साथ 32 नशीले कैप्सूल जब्त किए हैं। यह आंकड़े साफ तौर पर दिखाते हैं कि हिमाचल में चिट्टा तस्करी का नेटवर्क तेजी से फैलने की कोशिश कर रहा है।
नशे के सौदागरों के लिए नहीं कोई जगह
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चिट्टा तस्करी हिमाचल के युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। बाहरी राज्यों से नशे की खेप लाकर यहां सप्लाई करने की कोशिशें लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में देहरा पुलिस की यह कार्रवाई नशा कारोबारियों के खिलाफ एक कड़ा संदेश है कि हिमाचल में नशे के सौदागरों के लिए कोई जगह नहीं है।
बचाई जा सकती है आने वाली पीढ़ी
देहरा पुलिस ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की है। पुलिस का कहना है कि अगर किसी भी क्षेत्र में नशीली दवाओं से जुड़ी संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो उसकी सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाना या पुलिस अधिकारियों को दी जाए। पुलिस और जनता के संयुक्त प्रयासों से ही हिमाचल प्रदेश को नशा मुक्त बनाया जा सकता है और आने वाली पीढ़ी को इस जहर से बचाया जा सकता है।