#अपराध
August 16, 2025
हिमाचल पुलिस ने सब्जी मंडी से धरा चरस तस्कर, ग्राहक का कर रहा था इंतजार
पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर की कार्रवाई
शेयर करें:
सिरमौर। हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा नशा तस्करों के खिलाफ मुहिम छेड़ी गई है। इस मुहिम के तहत पुलिस टीम द्वारा आए दिन कई नशा तस्करों को गिरफ्तार भी किया जा रहा है। इसी कड़ी में अब ताजा मामला हिमाचल के सिरमौर जिले से सामने आया है।
यहां पर पुलिस टीम ने सब्जी मंडी कांशीवाला से एक नशा तस्कर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने आरोपी से चरस की खेप भी बरामद की है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, बीते 14 अगस्त को पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति लंबे समय से चरस बेचने का काम करता है। सूचना देने वाले ने बताया था कि व्यक्ति सब्जी मंडी कांशीवाला के आसपास नशा तस्करी करता है। इतना ही नहीं आज भी व्यक्ति यहीं मौजूद है और ग्राहक का इंतजार कर रहा है।
इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम तुरंत कार्रवाई करते हुए सब्जी मंडी कांशीवाला पहुंची। वहां पर पहुंचते ही पुलिस टीम को मेन गेट के पास एक आदमी खड़ा मिला- जिसने पूछताछ में अपना नाम देव दत्त बताया।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में धूमधाम से मनाया स्वतंत्रता दिवस समारोह, सीएम ने सम्मानित की कई विशिष्ट हस्तियां
पुलिस टीम ने शक के आधार पर उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके पीठ पर लटके बैग से पुलिस टीम को 214 ग्राम चरस बरामद हुई। इसके बाद पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खेप को अपने कब्जे में लेकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी की पहचान देव दत्त पुत्र लायक राम के रूप में हुई है- जो कि गांव सरेन, चौपाल का रहने वाला है। जांच में पाया गया है कि देव दत्त काफी लंबे समय से चरस बेचने के धंधे में लिप्त है। पुलिस टीम ने आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
SP सिरमौर निश्चिंत नेगी ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश कर चार दिन के लिए पुलिस रिमांड पर ले लिया गया है। पुलिस टीम द्वारा आरोपी से पूछताछ कर पता लगाया जा रहा है कि वो ये खेप कहां से लाता था और आगे किसे बेचता था।
हिमाचल पुलिस का यह त्वरित और सख्त एक्शन आने वाले दिनों में नशा कारोबारियों के लिए स्पष्ट संदेश है कि देवभूमि को नशे का अड्डा बनाने की हर कोशिश नाकाम की जाएगी। हिमाचल पुलिस इस बढ़ते खतरे को रोकने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। नियमित चेकिंग, स्पेशल ऑपरेशनों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर कई तस्करों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। फिर भी कुल्लू, मंडी, कांगड़ा और शिमला जैसे जिले नशा तस्करी के बड़े केंद्र बनते जा रहे हैं। यह न सिर्फ एक सामाजिक संकट है, बल्कि हिमाचल की शांत और धार्मिक छवि पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।