#अपराध
January 12, 2026
हिमाचल में ये क्या ? प्रधान ने ग्रामीणों के साथ मिल बचाया चरस तस्कर, पुलिसवालों पर बरसाए पत्थर
पुलिस को देख घबराया युवक बैग फेंक कर भागा तस्कर
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चंबा। हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिला चंबा में एक नशा तस्कर को बचाने के लिए पंचायत प्रधान समेत 30 ग्रामीण एकजुट होकर सड़कों पर उतर आए। आरोप है कि इन लोगों ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया, पुलिस टीम के साथ गलत व्यवहार किया और तस्कर को मौके से भागने में मदद की। इस घटना ने कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बता दें कि चंबा जिले में नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान हालात उस समय बेकाबू हो गए, जब एक चरस तस्कर को बचाने के लिए ग्रामीण सड़कों पर उतर आए। आरोप है कि गांव की प्रधान ने ग्रामीणों के साथ मिलकर पुलिस कार्रवाई का विरोध किया और पकड़े गए तस्कर को छुड़ाने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस टीम पर पत्थर भी बरसाए गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मामला जिला चंबा के चुराह विधानसभा क्षेत्र के तीसा इलाके का है। यहां बीते शनिवार को पुलिस टीम झज्जाकोठी मार्ग पर नियमित गश्त पर थी। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सड़क से गुजरने वाले सभी वाहनों और राहगीरों की नियमित जांच की जा रही थी।
इसी बीच सामने से एक युवक पैदल आता दिखाई दिया। जैसे ही उसकी नजर पुलिस टीम पर पड़ी, वह अचानक घबरा गया। घबराहट में युवक ने अपने हाथ में पकड़ा हुआ कैरी बैग सड़क किनारे फेंक दिया और वहां से भागने की कोशिश करने लगा। युवक के इस संदिग्ध व्यवहार को देखकर पुलिस को शक हुआ और टीम तुरंत हरकत में आ गई।
युवक की संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और उसे कुछ ही दूरी पर पकड़ लिया। पुलिस द्वारा जब मौके पर ही फेंके गए कैरी बैग की तलाशी ली गई, तो उसमें से भारी मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद हुआ। जांच के दौरान बैग से करीब 1 किलो 420 ग्राम चरस बरामद की गई।
जैसे ही पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया, उसी समय वहां 20 से 30 स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए। इन लोगों ने पुलिस की कार्रवाई का खुलकर विरोध करना शुरू कर दिया और पुलिस टीम के साथ धक्का-मुक्की करने लगे, साथ ही गालीलोच और सरकारी वाहन पर पथराव किया गया। भीड़ के अचानक उग्र होने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इसी दौरान भीड़ ने आरोपी को पुलिस की पकड़ से छुड़ाकर वहां से भगा दिया।
हालांकि इस हमले और हंगामे के बावजूद पुलिस टीम ने हिम्मत नहीं हारी। पुलिस ने तुरंत हालात पर काबू पाया और आरोपियों का पीछा शुरू किया। काफी मशक्कत और तलाश के बाद पुलिस ने मात्र दो घंटों में ही मुख्य तस्कर आरोपी को दोबारा गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की इस कार्रवाई से साफ है कि कानून से बचना किसी के लिए आसान नहीं है।
सुभाष चंद उम्र 35 साल, पुत्र बलदेव, निवासी गांव भामनोता (चुराह) जिला चंबा के रूप में हुई है। बता दें कि बीते दिसंबर 26 को पुलिस टीम ने चुराह विधानसभा क्षेत्र में एक सरकारी कर्मचारी को स्कूटी से नशा तस्करी करते हुए पकड़ा था। उसके पास से 1 किलो 402 ग्राम चरस भारी मात्रा में बरामद हुई थी। चुराह में नशा तस्करी के बढ़ते मामले चिंता का विषय बनता जा रहा है।
इस मामले में कुल करीब 30 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें शलेलाबाड़ी की प्रधान नीलमा देवी, भमनोता निवासी लोभी पुत्र परमा और प्रकाश पुत्र बलदेव के नाम सामने आए हैं, जबकि बाकी 27 आरोपी फिलहाल अज्ञात हैं। पुलिस टीम इन अज्ञात लोगों की पहचान करने के लिए जांच में जुटी हुई है। घटनास्थल पर मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है और अन्य सबूत भी जुटाए जा रहे हैं, ताकि सभी दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके।
पुलिस ने साफ कर दिया है कि सरकारी काम में रुकावट और पुलिस कर्मियों पर हमले को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस टीम ने मुख्य आरोपी सुभाष चंद के खिलाफ NDPS एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। इसके अलावा पुलिस टीम के साथ मारपीट करने और आरोपी को छुड़ाने की कोशिश के मामले में करीब 30 लोगों पर अलग से केस दर्ज किया गया है।