#अपराध
January 18, 2026
हिमाचल : सरकारी रिकॉर्ड में बदल डाली पत्नी, दूसरी महिला को किया दर्ज- पति के धोखे की खुली पोल
पत्नी ने पति के खिलाफ थाने में शिकायत करवाई दर्ज
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बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के घुमारवीं क्षेत्र से धोखाधड़ी और सरकारी रिकॉर्ड में हेराफेरी का गंभीर मामला सामने आया है। एक महिला ने थाना घुमारवीं में अपने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है।
महिला का कहना है कि उसके पति ने न तो तलाक लिया और न ही किसी वैधानिक प्रक्रिया का पालन किया। इसके बावजूद उसने धोखे से उसका नाम परिवार रजिस्टर से कटवा दिया और किसी दूसरी महिला को अपनी पत्नी के रूप में दर्ज करवा दिया।
पीड़िता का आरोप है कि वह आरोपी व्यक्ति की वैध पत्नी है और उनके बीच आज तक किसी प्रकार का तलाक या कानूनी अलगाव नहीं हुआ है। इसके बावजूद पति ने अपने निजी स्वार्थ साधने के लिए सरकारी रिकॉर्ड में गलत जानकारी दर्ज करवाई।
महिला का कहना है कि उसे इस पूरे मामले की जानकारी काफी समय बाद लगी, जिसके बाद वह मानसिक रूप से आहत हुई और न्याय की गुहार लगाते हुए पुलिस के पास पहुंची।
मामले की गंभीरता यहीं खत्म नहीं होती। शिकायत में यह भी सामने आया है कि परिवार रजिस्टर में कथित तौर पर फर्जी संतानों की प्रविष्टियां भी दर्ज करवाई गई हैं। महिला का कहना है कि जिन बच्चों को परिवार रजिस्टर में दर्शाया गया है, उनका उससे या उसके वैवाहिक जीवन से कोई संबंध नहीं है।
इससे न केवल उसकी सामाजिक छवि को ठेस पहुंची है, बल्कि सरकारी दस्तावेजों की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। शिकायत मिलने के बाद घुमारवीं पुलिस हरकत में आई और मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने नगर परिषद घुमारवीं से संबंधित परिवार रजिस्टर का रिकॉर्ड तलब किया।
दस्तावेजों की जांच करने पर यह स्पष्ट हुआ कि शिकायतकर्ता का नाम परिवार रजिस्टर से हटाया गया है और उसकी जगह किसी अन्य महिला को पत्नी के रूप में दर्ज किया गया है, जबकि इसके लिए कोई भी वैध कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं की गई थी।
पुलिस के अनुसार इस फर्जीवाड़े में अकेले पति ही नहीं, बल्कि अन्य लोगों की संलिप्तता की भी आशंका है। यह जांच का विषय है कि बिना कानूनी दस्तावेजों के यह बदलाव कैसे और किसके माध्यम से किया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे प्रकरण में किस स्तर पर नियमों की अनदेखी हुई।
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक संदीप धवल ने पुष्टि करते हुए बताया कि मामले में शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी दस्तावेजों की सुरक्षा और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार रजिस्टर जैसे महत्वपूर्ण रिकॉर्ड में इस तरह की कथित धोखाधड़ी न केवल व्यक्ति विशेष के अधिकारों का हनन है, बल्कि व्यवस्था पर आम लोगों के भरोसे को भी कमजोर करती है।