#अपराध
June 26, 2025
हिमाचल में नशे ने बुझाया एक और घर का चिराग ! बगीचे में मिली युवक की देह; पास पड़ी थी सिरिंज
आम के बगीचे में मिली 30 साल के युवक की देह
शेयर करें:

नाहन। हिमाचल प्रदेश सहित पूरे विश्व में आज जहां एक ओर अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस के मौके पर नशे के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे थे। वहीं हिमाचल में एक परिवार के जवान बेटे की नशे ने ही सांसें छीन ली हैं। यह हृदयविदारक घटना हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से सामने आई है। यहां क 30 साल के युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। युवक की मौत का कारण नशे की ओवरडोज माना जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में कालांअब त्रिलोकपुर मार्ग पर स्थित एक आम के बगीचे में मिला है। मृतक युवक की पहचान मालोवाला गांव निवासी 30 वर्षीय मनीष कुमार के रूप में हुई है। पुलिस को युवक के पास से एक सिरिंज भी बरामद हुई है। जिससे युवक की मौत नशे की ओवरडोज से माने की आशंका व्यक्त की जा रही है। युवक की मौत से उसके परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल: ADC निशांत सरीन के 7 ठिकानों पर ईडी की रेड, महंगी गाड़ियां, 40 बैंक खाते-लॉकर सीज
बताया जा रहा है कि स्थानीय लोगों ने युवक के शव को बगीचे में देखा और इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। वहीं पुलिस ने घटनास्थल की छानबीन करी तो पुलिस को मृतक युवक के पास से एक सिरिंज बरामद हुई। जिससे यह आशंका प्रबल हो गई है कि युवक की मौत नशे की ओवरडोज से हुई है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश रोल्टा ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला मादक पदार्थों के सेवन से हुई मौत का प्रतीत होता है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारणों की पुष्टि की जा सकेगी। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए डॉ वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज नाहन भेज दिया गया है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में पकड़ी HR नंबर की फर्जी MLA की गाड़ी, नकली PSO सहित तीन धरे
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलु से जांच की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मनीष तक नशा पहुंचाने वाला कौन था और किन परिस्थितियों में उसने यह कदम उठाया। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि यह मामला आत्महत्या का है या इसमें कोई अन्य कारण भी जुड़ा है।
मनीष कुमार के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। युवक की असामयिक और संदिग्ध मौत से गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। ग्रामीणों के अनुसार मनीष पिछले कुछ समय से अकेलेपन और मानसिक तनाव से जूझ रहा था, हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जवान बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : पहले से रची थी साजिश, 3 लोगों ने रास्ते में घेरा युवक- पुरानी रंजिश के चलते किया कांड
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान कितने प्रभावी हैं। जिस दिन देशभर में नशा उन्मूलन की बात हो रही थी, उसी दिन एक और युवा इस लत का शिकार हो गया। यह दुखद संयोग समाज के लिए एक चेतावनी भी है कि नशे की लत किस हद तक घातक साबित हो सकती है।
यह घटना केवल एक परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक झकझोर देने वाली चेतावनी है। नशे के खिलाफ केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और जन सहभागिता से ही कारगर लड़ाई लड़ी जा सकती है।