#अव्यवस्था
March 29, 2025
ये कैसा व्यवस्था परिवर्तन ? CM से ज्यादा अधिकारियों का खर्चा, विदेश में जमकर उड़ाए पैसे
अधिकारियों के विदेश दौरों पर करोड़ों का खर्च, विधायकों के सवाल से खुलासा
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शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार के कई अधिकारियों के विदेश दौरों पर भारी खर्च का खुलासा हुआ है। यह जानकारी विधानसभा में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की ओर से दिए गए लिखित उत्तर में सामने आई। विधायक सुधीर शर्मा और सुरेंद्र शौरी द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में सरकार ने इन खर्चों का ब्योरा सदन में रखा।
दिलचस्प बात यह है कि कुछ अधिकारियों के विदेश दौरों पर बहुत कम खर्च हुआ, जबकि कुछ ने मंत्रियों से भी ज्यादा राशि खर्च कर दी। कई मामलों में अधिकारी सरकारी खर्च पर अमेरिका, सिंगापुर, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया जैसे देशों की यात्रा कर चुके हैं।
हिमाचल प्रदेश में शिक्षा और बागवानी विभाग के अधिकारियों ने विदेश दौरों पर सबसे ज्यादा खर्च किया।
- शिक्षा विभाग: प्रारंभिक शिक्षा निदेशक बाबूराम शर्मा ने 200 शिक्षकों के साथ स्टार प्रोजेक्ट के तहत सिंगापुर दौरे पर 6.05 करोड़ रुपए खर्च किए।
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- बागवानी विभाग:
- एचपीएचडीपी (हिमाचल प्रदेश बागवानी विकास परियोजना) के तहत डॉ. धर्मपाल शर्मा, भूपेंद्र सिंह नेगी और जगदीश चंद शर्मा ने अमेरिका का दौरा किया, जिस पर 18.98 लाख रुपए खर्च हुए।
- नौणी विश्वविद्यालय की डॉ. किरण राणा और डॉ. मीना ठाकुर के दक्षिण कोरिया दौरे पर 6.98 लाख रुपए खर्च हुए।
- एचपीएचडीपी के सचिव सी. पॉलरासू और निदेशक सुदेश कुमार मोख्टा यूरोप, बर्लिन और नीदरलैंड गए, जिस पर 17.73 लाख रुपए खर्च किए गए।
बागवानी विकास परियोजना के तहत कई अधिकारियों और विशेषज्ञों ने सर्बिया का दौरा किया, जिसमें 97.20 लाख रुपए खर्च हुए। इनमें शिवाली ठाकुर, मीनाक्षी शर्मा, सुदर्शना नेगी, डॉ. अंजना जस्टा, डॉ. रंजना गुप्ता, डॉ. अर्चना चौहान सहित कई अधिकारी शामिल थे। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश शिवा परियोजना के तहत विभिन्न अधिकारियों के विदेश दौरों पर भी लाखों रुपए खर्च हुए। एचपी शिवा परियोजना के तहत ऑस्ट्रेलिया दौरे पर कदम संदीप वसंत, शकुन राणा और रमल कुमार ने 14.16 लाख रुपए खर्च किए। वहीं, नीदरलैंड दौरे पर गए अधिकारियों ने 25.46 लाख रुपए खर्च किए।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू अपने आधिकारिक दौरे पर दुबई गए, उनके साथ एचपीटीडीसी के उपाध्यक्ष रघुवीर सिंह बाली, प्रधान सचिव भरत खेड़ा, निदेशक पर्यटन मानसी सहाय ठाकुर, एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक रोहन ठाकुर सहित कई अधिकारी थे।
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इस दौरे पर कुल 11.73 लाख रुपए खर्च हुए। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री तत्कालीन मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर के साथ ऑस्ट्रिया गए, जहां 18.86 लाख रुपए खर्च हुए। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर 16.20 लाख रुपए खर्च हुए।
- उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, विधायक चंद्रशेखर, प्रधान सचिव आरडी नजीम, निदेशक उद्योग राकेश कुमार प्रजापति और अतिरिक्त निदेशक तिलक राज शर्मा के दुबई दौरे पर 18.42 लाख रुपए खर्च किए गए।
- विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष डीके शर्मा स्वीडन दौरे पर 6.54 लाख रुपए खर्च कर आए।
- राज्य सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक श्रवण कुमार ब्राजील दौरे पर गए, जहां 4.39 लाख रुपए खर्च हुए।
कुछ अधिकारी बहुत कम खर्च में विदेश यात्रा करने में सफल रहे।
- ऊर्जा निदेशक रहे हरिकेश मीणा अमेरिका गए और उनका खर्च मात्र 46,053 रुपए आया।
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- क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला की उपनिदेशक डॉ. मीनाक्षी महाजन मलयेशिया गईं, जहां 75,207 रुपए खर्च हुए।
- मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग दुबई गए, जहां 7,062 रुपए खर्च हुए।
- एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर दुबई दौरे पर 5,847 रुपए और सिडनी दौरे पर 8,292 रुपए खर्च कर लौटे।
इस खुलासे के बाद सरकार और अफसरशाही पर सवाल उठने लगे हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि जब प्रदेश की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है, तब इतने बड़े स्तर पर विदेश दौरों पर खर्च उचित नहीं है। वहीं, सरकार का कहना है कि ये दौरे नीति निर्माण, नई तकनीक सीखने और प्रदेश के विकास के लिए आवश्यक थे। फिर भी, सवाल यह है कि क्या ये विदेश दौरे वाकई प्रदेश के हित में थे या सिर्फ सरकारी खर्चे पर की गई सैर-सपाटा?