#अव्यवस्था
March 2, 2025
पटवारी-कानूनगो पर सख्त कार्रवाई की तैयारी में सुक्खू सरकार, डीसी से मांगी रिपोर्ट
सेवा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर की जाएगी सख्त कार्रवाई
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में पटवारी कानूनगो की हड़ताल से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगांे के पटवारी और तहसील कार्यालय में छोटे छोटे भी नहीं हो रहे हैं। अब पटवारी कानूनगो की हड़ताल पर सरकार ने सख्त रूख अपना लिया है। सरकार ने हड़ताल पर गए इन पटवारी और कानूनगो को सख्त चेतावनी दे दी है।
सरकार ने हड़ताल पर गए पटवारी कानूनगो को सेवा नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। जिसके लिए सरकार ने संबंधित डीसी से इसकी रिपोर्ट भी मांग ली है। सरकार ने पटवारी कानूनगो के सामूहिक अवकाश पर जाने और पैन डाऊन स्ट्राइक से लोगों को हो रही परेशानी पर डीसी से रिपोर्ट मांगी है। अगर रिपोर्ट में सेवा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो सरकार पटवारी कानूनगो पर सख्त कार्रवाई करेगी।
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इस बारे में मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि पटवारी कानूनगो की की जो मुख्य मांगे थी, सरकार ने उन्हें पूरा कर दिया है। जिसमें डिपार्टमैंट पेपर और इंटरनेट की सुविधा की समस्या को सरकार ने हल कर दिया है। लेकिन अब पटवारी कानूनगो की पैन डाऊन स्ट्राइक किसी भी तरीके से सही नहीं है। उन्होंने कहा कि पटवारी और कानूनगो की हड़ताल के चलते आम जनता को जो समस्या हो रही है, उसे सरकार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी।
जगत सिंह नेगी ने कहा कि सरकार का स्टेट कैडर का निर्णय जनहित में लिया गया फैसला है। वहीं कई पटवारी जो लंबे समय से ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे थे, उन्हें अपने जिला में जाने का मौका ही नहीं मिल रहा था। स्टेट कैडर में इन पटवारी कानूनगो को अपने जिला में भी सेवाएं देने का मौका मिलेगा। वहीं मंत्री जगत सिंह नेगी ने यह भी कहा कि स्टेट कैडर होने के बाद सभी का एक साथ तबादला नहीं किया जा रहा है।
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मंत्री नेगी ने कहा कि स्टेट कैडर का फैसला किसी भी सूरत वापस नहीं लिया जाएगा। वहीं पटवारी और कानूनगो की हड़ताल से जो आम जनता को परेशानी हो रही है, सरकार उसे बर्दाश्त नहंी करेगी। वहीं वार्ता को लेकर मंत्री नेगी ने कहा कि सरकार के दरवाजे हर समय खुले हैं। लेकिन पहले जनता को परेशान करना और उसके बाद वार्ता की बात करना सही नही है।
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वहीं दूसरी तरफ हिमाचल प्रदेश संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो संघ के अध्यक्ष सतीश चौधरी ने कहा कि उनका अब तक का आंदोलन सफल रहा है। उन्होंने कहा कि उनका मकसद सरकार को परेशान करना नहीं है। इसलिए आपदा प्रभावित क्षेत्रों विशेषकर कुल्लू, मंडी व किन्नौर में पटवारियों ने पूरा काम किया है। उन्होंने कहा कि पटवारियों की सरकार के साथ वार्ता हो चुकी है। पटवारियों की मांगें तथा बलवान कमेटी की सिफारिशें सरकार के पास हैं। ऐसे में अब सरकार उनकी मांगों व बलवान कमेटी की सिफारिशों का मूल्यांकन कर फैसला सुनाए, साथ ही पटवारियों के स्टेट कैडर की अधिसूचना को वापस ले।