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October 7, 2026
राजा वीरभद्र सिंह की अनदेखी पर कांग्रेस में बवाल! रामपुर-रोहड़ू के MLA ने मानी गलती- होगी जांच
प्रतिभा सिंह की नाराजगी के बाद बढ़ा मामला
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शिमला। हिमाचल में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की फोटो को लेकर कांग्रेस के अंदर ही सवाल उठने लगे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के रोहड़ू और रामपुर दौरे के दौरान कार्यक्रमों के पोस्टरों में वीरभद्र सिंह की तस्वीर नहीं लगाई गई और मंच से भी उनका नाम नहीं लिया गया। इसको लेकर पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह की नाराजगी के बाद मामला तूल पकड़ गया है। अब कांग्रेस संगठन ने इस पूरे मामले की जांच की बात कही है, जबकि रोहड़ू और रामपुर के कांग्रेस विधायकों ने भी माना है कि वीरभद्र सिंह की फोटो कार्यक्रम में होनी चाहिए थी।
कांग्रेस नेताओं की सफाई पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह की नाराजगी सामने आने के बाद आई है। प्रतिभा सिंह के बयान के बाद यह मामला लगातार चर्चा में है। वहीं, रोहड़ू और रामपुर के बीजेपी नेताओं ने भी कार्यक्रमों में वीरभद्र सिंह की अनदेखी को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाए हैं।
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हिमाचल कांग्रेस के संगठन महासचिव विनोद जिंटा ने कहा कि पूरे मामले की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह कांग्रेस के बहुत बड़े और लोकप्रिय नेता रहे हैं। पार्टी में उनका हमेशा सम्मान रहा है और आगे भी उनका मान-सम्मान किया जाता रहेगा।
रोहड़ू के कांग्रेस विधायक LM ब्राक्टा ने माना कि कार्यक्रम में वीरभद्र सिंह की फोटो होनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने भाषण में रोहड़ू के विकास में वीरभद्र सिंह के योगदान का जिक्र किया था। ब्राक्टा ने यह भी कहा कि BJP इस मामले को बेवजह मुद्दा बना रही है।
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रामपुर के कांग्रेस विधायक नंदलाल ने भी माना कि वीरभद्र सिंह की फोटो कार्यक्रम में लगनी चाहिए थी। नेताओं की तरफ से यह सफाई ऐसे समय में आई है, जब वीरभद्र सिंह की अनदेखी को लेकर कांग्रेस के भीतर ही सवाल उठ रहे हैं।
रामपुर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष लाल चंद ने भी माना कि कार्यक्रम में वीरभद्र सिंह की फोटो नहीं लग पाई। उन्होंने कहा कि यह जानबूझकर नहीं किया गया। उनका कहना है कि कांग्रेस आज भी वीरभद्र सिंह की विरासत और उनके किए कामों को आगे बढ़ाने का काम कर रही है।
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CM सुक्खू 2 और 3 अक्टूबर को रोहड़ू और रामपुर विधानसभा क्षेत्रों के दौरे पर थे। दोनों ही इलाकों से वीरभद्र सिंह का पुराना और मजबूत राजनीतिक रिश्ता रहा है। वीरभद्र सिंह ने रोहड़ू से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी, जबकि रामपुर उनका गृह क्षेत्र रहा है।
CM सुक्खू के दोनों जगहों के कार्यक्रमों में लगे पोस्टरों में वीरभद्र सिंह की फोटो नजर नहीं आई। मंच से भी उनका नाम नहीं लिया गया। इसके बाद प्रतिभा सिंह ने इस पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह को गुजरे अभी चार-साढ़े चार साल ही हुए हैं, ऐसे में उन्हें इतनी जल्दी कैसे भुलाया जा सकता है।
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प्रतिभा सिंह ने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा कभी पार्टी को बांटने या गुटबाजी बढ़ाने की नहीं रही है। उनके बयान के बाद कांग्रेस के अंदर चल रही खींचतान एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
वीरभद्र सिंह की अनदेखी का मुद्दा इससे पहले भी उठ चुका है। प्रतिभा सिंह और उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह कई बार पार्टी हाईकमान के सामने इस तरह के मामलों को उठा चुके हैं। फरवरी 2024 में विक्रमादित्य सिंह ने मंत्री पद से इस्तीफा देने की भी घोषणा की थी, हालांकि बाद में उन्होंने इस्तीफा वापस ले लिया था।
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कांग्रेस के भीतर CM सुक्खू और वीरभद्र सिंह के बीच राजनीतिक मतभेद पुराने रहे हैं। ऐसे में वीरभद्र सिंह की फोटो और उनके नाम को लेकर उठा यह विवाद 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की अंदरूनी खींचतान को फिर चर्चा में ला सकता है।