#विविध
March 24, 2026
हिमाचल में बनी 73 दवाओं के सैंपल फेल, संकट में मरीज- फार्मा सेक्टर पर उठे सवाल
गंभीर बीमारियों की दवाएं भी फेल
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सोलन। देश में दवाओं की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) के ताजा ड्रग अलर्ट के अनुसार, इस महीने देशभर में 198 दवाओं के सैंपल क्वालिटी टेस्ट में फेल पाए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा 73 सैंपल हिमाचल प्रदेश में बनी दवाओं के हैं, जो राज्य के फार्मा सेक्टर पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, फेल हुई दवाओं में कफ सिरप, इंजेक्शन और गंभीर बीमारियों जैसे दिल, मिर्गी, बीपी और शुगर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं भी शामिल हैं। इसके अलावा आयरन और विटामिन सप्लीमेंट्स के कुछ सैंपल भी मानकों पर खरे नहीं उतर पाए। यह स्थिति इसलिए ज्यादा चिंताजनक मानी जा रही है क्योंकि ये दवाएं सीधे तौर पर मरीजों की सेहत से जुड़ी होती हैं।
अगर राज्यों की बात करें तो हिमाचल प्रदेश इस सूची में सबसे ऊपर है, जबकि उत्तराखंड, गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे अन्य राज्यों में भी कई दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। हिमाचल में खास तौर पर बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) क्षेत्र, जो देश का प्रमुख फार्मा हब माना जाता है, वहां तैयार दवाओं के ज्यादा सैंपल फेल पाए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि हिमाचल में दवाओं का उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है और यहां सैंपलिंग भी अधिक की जाती है, इसलिए आंकड़े ज्यादा दिखाई देते हैं। वहीं, राज्य दवा नियंत्रक विभाग का कहना है कि गुणवत्ता बनाए रखने के लिए लगातार सख्ती बढ़ाई जा रही है और जिन कंपनियों की दवाएं फेल हो रही हैं, उनके खिलाफ नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।