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July 1, 2026
हिमाचल: मंजू मौ*त मामले में महिला डॉक्टर संस्पेंड, भेजी गईं शिमला- प्रदर्शनकारियों का अनशन खत्म
डॉक्टर के साथ दोनों नर्सों को किया सस्पेंड
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कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में प्रसूता महिला मंजू शर्मा की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में तैनात महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अनु पर इलाज में लापरवाही के आरोप लगे थे। मामले की जांच के बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए डॉक्टर अनु को सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही मामले में संबंधित दोनों नर्सों को भी सस्पेंड कर दिया गया है।
मंजू शर्मा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर पिछले दो दिनों से कुल्लू के ढालपुर में युवाओं और लोगों द्वारा धरना-प्रदर्शन किया जा रहा था। प्रदर्शनकारी लगातार दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। मंगलवार को भी बड़ी संख्या में लोग ढालपुर में जुटे और अपनी आवाज बुलंद की।
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शाम के समय कुल्लू विधायक सुंदर सिंह ठाकुर प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और आंदोलन कर रहे युवाओं से बातचीत की। उन्होंने बताया कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डॉक्टर अनु संबंधित दोनों नर्सों को भी सस्पेंड कर दिया गया है। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना अनशन समाप्त कर दिया।
कुल्लू विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि मंजू शर्मा की मौत का मामला उन्होंने प्रदेश सरकार के सामने रखा था। मुख्यमंत्री ने इस मामले पर तुरंत संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए।
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उन्होंने कहा कि अभी डॉक्टर अनु को सस्पेंड किया गया है, लेकिन अगर जांच में अन्य लोगों की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सरकार गंभीर है।
मृतक महिला मंजू शर्मा के भाई दिनेश शर्मा ने कहा कि उनकी बहन को न्याय दिलाने के लिए हजारों लोगों ने उनका साथ दिया। उन्होंने आंदोलन में शामिल सभी लोगों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि उनका मकसद सिर्फ न्याय दिलाना नहीं बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से व्यवस्था में सुधार की मांग की।
समाजसेवी बलदेव ठाकुर ने कहा कि मंजू शर्मा को न्याय दिलाने के लिए युवाओं ने लगातार दो दिन तक आंदोलन किया। उनकी मेहनत का ही नतीजा है कि स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए डॉक्टर अनु को सस्पेंड किया है।
उन्होंने कहा कि मामले में शामिल दो अन्य स्टाफ नर्सों पर भी कार्रवाई की बात कही गई है। अब लोगों को उम्मीद है कि जांच के आधार पर उन पर भी जल्द फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अस्पतालों में जिम्मेदारी और जवाबदेही तय होना जरूरी है।
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जानकारी के अनुसार, बालीचौकी क्षेत्र के शनारू गांव की रहने वाली 23 वर्षीय रजनी शर्मा को प्रसव के लिए क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में भर्ती कराया गया था। 20 जून को चिकित्सकों ने ऑपरेशन के माध्यम से उनका सुरक्षित प्रसव करवाया और उन्होंने एक बच्ची को जन्म दिया।
परिवार में नई सदस्य के आगमन से खुशी का माहौल था। प्रसव के बाद महिला अस्पताल में चिकित्सकीय निगरानी में थी और उसका उपचार जारी था। बताया जा रहा है कि रविवार को उपचार के दौरान महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई।
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अस्पताल के लेबर रूम में चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने उसे बचाने के लिए प्रयास किए, लेकिन उसकी स्थिति लगातार गंभीर होती चली गई। काफी कोशिशों के बावजूद महिला की जान नहीं बचाई जा सकी। मौत की खबर मिलते ही परिवार के लोगों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और अस्पताल में शोक के साथ-साथ आक्रोश का माहौल बन गया।
महिला की मृत्यु की सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में परिजन और रिश्तेदार अस्पताल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की।