#अव्यवस्था
February 7, 2025
हिमाचल: मेडिकल कॉलेज में एंबुलेंस ना मिलने से स्वर्ग सिधारी महिला, प्रसव के बाद बिगड़ी थी हालत
रातभर एंबुलेंस के लिए इधर.उधर भटकते रहे परिजन
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चंबा। हिमाचल प्रदेश में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के वादे करने वाली सरकारें धरातल पर कितना काम कर रही हैं। इसका जीता जागता उदाहरण हिमाचल के चंबा जिला से सामने आया है। यहां एक महिला की मौत सिर्फ इसलिए हो गई, क्योंकि जिला के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज में महिला को दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए समय पर एंबुलेंस ही नहीं मिली। जिसके चलते इस महिला की अस्पताल के बिस्तर पर ही तड़प तड़प कर मौत हो गई।
मामला चंबा जिला के पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज का है। यहां एक महिला की प्रसव के बाद मौत हो गई है। महिला दूसरी बार मां बनी थी लेकिन इस बार बच्चे को जन्म देने के कुछ ही घंटों बाद उसकी मौत हो गई। जिससे एक नवजात बच्ची जिसने अभी अपनी आंखें भी नहीं खोली थी, के सिर से मां का साया हमेशा के लिए उठ गया। महिला की मौत से पूरे परिवार को गहरा सदमा लगा है।
दरअसल चंबा जिला के एक गांव की महिला को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे मेडिकल कॉलेज चंबा लेकर पहुंचे थे। यहां दो दिन पहले चिकित्सकों ने महिला का ऑपरेशन करके प्रसव करवाया। गर्भवती महिला ने एक स्वस्थ्थ बच्ची को जन्म दिया। लेकिन ऑपरेशन के बाद महिला का रक्त स्त्राव बंद नहीं हुआ। हालांकि चिकित्सकांे ने रक्त स्त्राव को रोकने का भरसक प्रयास किया, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।
महिला की जब हालत बिगड़ने लगी तो चिकित्सकों ने महिला को टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। महिला को टांडा ले जाने के लिए वेंटिलेंटर सहित ऑक्सीजन युक्त एंबुलेंस की जरूरत थी। लेकिन महिला को चंबा मेडिकल कॉलेज में एंबुलेंस ही नहीं मिल पाई। परिजन एंबुलेंस के लिए रात भर इधर उधर भटकते रहे। लेकिन उन्हें एंबुलेंस नहीं मिली। जब परिजनों ने इसके लिए चिकित्सा अधीक्षक से एंबुलेंस के लिए बात की तो उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज चंबा में एक ही एंबुलेंस है और वह दूसरे मरीज को टांडा छोड़ने गई है। उसके लौटने के बाद ही एंबुलेंस उपलब्ध हो पाएगी।
परेशान मरीज पहले तो घंटों एंबुलेंस के आने का इंतजार करते रहे। लेकिन जब महिला की हालत ज्यादा बिगड़ने लगी तो उन्होंने अपने स्तर पर एंबुलेंस का जुगाड़ किया। लेकिन वह एंबुलेंस चंबा मेडिकल कॉलेज पहुंचती, उससे पहले ही महिला की मौत हो गई। एक नवजात बच्ची के सिर से उसकी मां का साया सिर्फ इसलिए उठ गया, क्योंकि चंबा मेडिकल कॉलेज मंे उसकी मां को समय पर एंबुलेंस नहीं मिली।
माना जा रहा है कि अगर समय पर उन्हें एंबुलेंस मिल जाती तो शायद उनकी बेटी को अपनी जान नहीं गंवानी पड़ती। लेकिन सरकार और प्रशासन की अव्यवस्था का खामियाजा एक महिला को भुगतना पड़ा और अब पूरी जिंदगी एक नवजात को भुगतना पड़ेगा। महिला की मौत के बाद पूरा अस्पताल परिजनों के रोने की आवाज से गूंज उठा था।
वहीं इस बारे में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ पंकज गुप्ता ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने महिला रोग विभाग के चिकित्सकों को अपने कार्यालय में बुलाकर इसकी पूरी जानकारी जुटाई। जिसमें उन्होंने बताया कि महिला की हालत काफी गंभीर हो चुकी थी। इस कारण एंबुलेंस मिलने से पहले ही उसकी मौत हो गई। प्राचार्य ने कहा कि भविष्य में इस प्रकार की घटना न हो, इसके लिए सरकार से अतिरिक्त जीवनदायिनी एंबुलेंस की मांग की जाएगी।