शिमला। हिमाचल प्रदेश की सियासत में मंगलवार को उस वक्त बड़ा संकेत मिला, जब विधानसभा के बजट सत्र के दौरान CM ने मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सदन में साफ ऐलान कर दिया। कुल्लू विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक सुंदर ठाकुर को जल्द कैबिनेट में शामिल किया जाएगा। यह घोषणा न केवल राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई, बल्कि सदन के भीतर चल रहे तीखे माहौल को भी कुछ हद तक ठंडा करने वाली साबित हुई।
बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री का ऐलान
विधानसभा के बजट सत्र के दौरान नियम 102 के तहत लाए गए आरडीजी से जुड़े सरकारी संकल्प पर चर्चा हो रही थी। इसी दौरान CM सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सदन में स्पष्ट किया कि कुल्लू के विधायक सुंदर ठाकुर को मंत्री बनाया जाएगा। CM ने यह भी कहा कि जब यह प्रक्रिया पूरी होगी, तो नेता प्रतिपक्ष को भी इसका औपचारिक निमंत्रण दिया जाएगा।
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सुंदर ठाकुर और जयराम ठाकुर के बीच तीखी नोक-झोंक
दरअसल, आरडीजी पर चर्चा के दौरान विधायक सुंदर ठाकुर और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर आमने-सामने आ गए थे। दोनों के बीच तीखी बहस हुई और कुछ ही देर में सदन का माहौल गरमा गया। आरोप-प्रत्यारोप के बीच शोर-शराबा इतना बढ़ गया कि सदन की कार्यवाही बाधित होने लगी। इसी बीच CM अपनी सीट से खड़े हुए और सदस्यों से शांति बनाए रखने की अपील की।
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CM के बयान से शांत हुआ सदन
सदन को शांत कराने के दौरान CM ने जब सुंदर ठाकुर को मंत्री बनाए जाने की घोषणा की, तो माहौल में अचानक बदलाव देखने को मिला। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद कुछ ही देर में सदन की कार्यवाही दोबारा पटरी पर लौट आई और चर्चा आगे बढ़ सकी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह ऐलान न केवल एक प्रशासनिक संकेत था, बल्कि इसके जरिए सदन में चल रहे तनाव को भी कम करने की कोशिश की गई।
असंसदीय शब्दों पर विधानसभा अध्यक्ष की सख्ती
इस पूरे घटनाक्रम के बाद विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने व्यवस्था देते हुए कहा कि चर्चा के दौरान की गई व्यक्तिगत टिप्पणियों और असंसदीय शब्दों को सदन की कार्यवाही से हटाया जाएगा। अध्यक्ष के इस निर्देश के बाद कार्यवाही सुचारू रूप से आगे बढ़ी।
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तीन साल से खाली है मंत्रिमंडल का एक पद
बता दें कि प्रदेश कैबिनेट में CM समेत कुल 12 मंत्री बनाए जा सकते हैं। वर्तमान में मुख्यमंत्री को मिलाकर 11 मंत्री ही मंत्रिमंडल में शामिल हैं, जबकि एक पद बीते करीब तीन साल से खाली पड़ा है। इस दौरान कई बार मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें लगती रहीं, लेकिन अब तक यह केवल चर्चाओं तक ही सीमित रहा।
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फिलहाल मंत्रिमंडल में शिमला जिले से सबसे अधिक तीन मंत्री हैं, जबकि कांगड़ा से दो और बिलासपुर, सिरमौर, सोलन, ऊना और किन्नौर से एक-एक मंत्री शामिल हैं। ऐसे में कुल्लू जिले से विधायक सुंदर ठाकुर को मंत्री बनाए जाने की घोषणा को क्षेत्रीय संतुलन के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।
