हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और डीजल पर लगाए गए अतिरिक्त सेस को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। हमीरपुर से भाजपा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि लगातार बढ़ते टैक्स, वैट और सेस ने आम लोगों की आर्थिक परेशानियां बढ़ा दी हैं। दिल्ली में जारी एक बयान में उन्होंने कांग्रेस के ‘खटाखट मॉडल’ पर तंज कसते हुए कहा कि हिमाचल में यह मॉडल अब ‘खटारा मॉडल’ बन चुका है।
ईंधन महंगा होने से किन वर्गों पर असर?
सांसद अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार के सत्ता संभालने के कुछ ही समय बाद पेट्रोल-डीजल पर टैक्स का बोझ बढ़ना शुरू हो गया था। उनके मुताबिक डीजल पर वैट बढ़ाकर इसे 10.40 रुपये तक किया गया और बाद में 5 रुपये का अतिरिक्त सेस भी लगाया गया। उन्होंने इसे आम आदमी की जेब पर लगातार पड़ने वाला आर्थिक दबाव बताया।
यह भी पढ़ें : BJP MLA सुधीर शर्मा की बढ़ी टेंशन : 70 लाख के शेयर, लाखों की जमीन का विजिलेंस ने मांगा हिसाब
भाजपा सांसद ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने का असर केवल वाहन मालिकों तक सीमित नहीं रहता। ईंधन महंगा होने से माल ढुलाई, कृषि गतिविधियों, सार्वजनिक परिवहन और रोजमर्रा की वस्तुओं की लागत भी बढ़ सकती है। उन्होंने विशेष रूप से ट्रक ऑपरेटरों, किसानों, कारोबारियों और आम उपभोक्ताओं का जिक्र करते हुए कहा कि महंगे डीजल का सीधा असर परिवहन लागत पर पड़ता है। इससे बाजार में सामान पहुंचाने की लागत बढ़ने के साथ आम परिवारों का मासिक बजट भी प्रभावित होता है।
कर्ज को लेकर भी सरकार पर निशाना
अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में इससे पहले बस किराये और सीमेंट की कीमतों को लेकर भी जनता पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। उनके अनुसार, अब ईंधन पर अतिरिक्त सेस लगाए जाने से लोगों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं। उन्होंने इसे कांग्रेस सरकार द्वारा जनता पर डाला जा रहा एक और वित्तीय बोझ बताते हुए कहा कि सरकार को आम लोगों को राहत देने की दिशा में कदम उठाने चाहिए, न कि बार-बार नए टैक्स या सेस लगाकर अतिरिक्त वसूली करनी चाहिए।
यह भी पढ़ें- हिमाचल में टैक्स चोरी का खेल- कागजों में खाली प्लॉट, मौके पर आलीशान होटल; अब होगी वसूली
भाजपा सांसद ने हिमाचल प्रदेश की वित्तीय स्थिति को लेकर भी प्रदेश सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि राज्य पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ रहा है और सरकार एक ओर लोगों पर टैक्स का दबाव बढ़ा रही है, वहीं दूसरी ओर कर्ज लेकर वित्तीय व्यवस्था चला रही है। उन्होंने प्रदेश के एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि जब जनता से लगातार अतिरिक्त राजस्व जुटाया जा रहा है तो उसका इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा है। हालांकि, ये आंकड़े और आरोप उनके राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं, जिन पर सरकार की ओर से अलग प्रतिक्रिया सामने आ सकती है।
‘जनता पर चौथा आर्थिक हमला’
अनुराग ठाकुर ने पेट्रोल-डीजल पर लगाए गए सेस को आम आदमी की जेब पर एक और हमला करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार पहले भी ईंधन से जुड़े करों के माध्यम से लोगों पर वित्तीय बोझ बढ़ा चुकी है और अब अतिरिक्त सेस लगाकर परेशानी और बढ़ा दी गई है।
यह भी पढ़ें- हिमाचल : बोर्ड परीक्षा के खराब नतीजे पड़े भारी, 123 शिक्षकों पर गिरी गाज- 7 स्कूल हेड को नोटिस
उन्होंने कांग्रेस सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि हिमाचल के लोगों को महंगाई से राहत देने के बजाय सरकार लगातार नए वित्तीय बोझ बढ़ा रही है। इसी दौरान उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के कथित ‘खटाखट मॉडल’ पर कटाक्ष करते हुए इसे ‘खटारा मॉडल’ बताया। भाजपा सांसद ने प्रदेश सरकार को अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करने और आम जनता को राहत देने की दिशा में कदम उठाने की मांग की। उनके बयान के बाद पेट्रोल-डीजल पर सेस और प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर हिमाचल की राजनीति में बहस और तेज होने के आसार हैं।
