शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार में लंबे समय से चर्चा में चल रहे मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अब तस्वीर धीरे-धीरे साफ होती नजर आ रही है। हिमाचल कांग्रेस को जल्द ही नया मंत्री मिलने वाला है और कुल्लू से विधायक सुंदर सिंह ठाकुर कभी भी मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने खुद इसके संकेत देकर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर हलचल बढ़ा दी है। शिमला में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जल्द मंत्रिमंडल विस्तार होगा और हाईकमान की मंजूरी मिलते ही इसे पूरा कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री के इस बयान को सुंदर सिंह ठाकुर के संभावित मंत्री बनने से जोड़कर देखा जा रहा है।
सुंदर सिंह ठाकुर की ताजपोशी के संकेत
मुख्यमंत्री सुक्खू ने सुंदर सिंह ठाकुर के मंत्री बनने को लेकर सीधे तौर पर बड़ा संकेत दिया। उन्होंने कहा कि सुंदर सिंह ठाकुर कभी भी मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद कांग्रेस के भीतर भी मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सुक्खू ने बताया कि हिमाचल कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी यानी PAC की बैठक प्रस्तावित है, लेकिन उससे पहले भी सुंदर सिंह ठाकुर को मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है। ऐसे में अब सवाल यही है कि कांग्रेस हाईकमान की हरी झंडी कब मिलती है और सुंदर सिंह ठाकुर की शपथ की तारीख कब तय होती है।
यह भी पढ़ें : अनुराग ठाकुर ने खोला सुक्खू सरकार के कर्ज का हिसाब, बोले- आने वाली पीढ़ियों को भी बना दिया कर्जदार
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 14 अगस्त को लोकसभा सांसद और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा हिमाचल आ रही हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि उनकी मौजूदगी में हिमाचल कांग्रेस नए मंत्री को शपथ दिला सकती है।
कुल्लू को मिल सकती है सरकार में बड़ी हिस्सेदारी
सुंदर सिंह ठाकुर को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की चर्चा के साथ कुल्लू जिले की राजनीति में भी इसका असर देखने को मिल सकता है। कुल्लू विधानसभा क्षेत्र से विधायक सुंदर सिंह ठाकुर लंबे समय से कांग्रेस सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका की मांग को लेकर चर्चा में रहे हैं। मुख्यमंत्री के ताजा बयान ने इन अटकलों को और मजबूत कर दिया है। यदि उन्हें मंत्रिमंडल में जगह मिलती है तो सरकार में कुल्लू की राजनीतिक भागीदारी और मजबूत होगी।
यह भी पढ़ें : हिमाचल की सुक्खू सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने दिया अल्टीमेटम, दो सप्ताह में भरने होंगे ये खाली पद
46 दमकल वाहनों को दिखाई हरी झंडी
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला में अग्निशमन विभाग के कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने विभाग के 46 नए वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अग्निशमन विभाग के आधुनिकीकरण पर करीब 55 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। सरकार का दावा है कि आधुनिक वाहनों और उपकरणों से आपदा एवं आग की घटनाओं के दौरान राहत और बचाव कार्यों को और मजबूत किया जा सकेगा।
यह भी पढ़ें : हिमाचल के चिकित्सा इतिहास में पहली बार हुई ऐसी सर्जरी, डॉक्टरों ने जोड़ दिया शख्स का क*टा हाथ
MIS पर बागवानों को राहत का दावा
सेब खरीद के लिए मार्केट इंटरवेंशन स्कीम यानी MIS को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने सेब की खरीद पर कोई कैप नहीं लगाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 100 पेटी या बोरी की कोई सीमा तय नहीं की गई है और सरकार निर्धारित व्यवस्था के तहत उपलब्ध सेब खरीदेगी। यदि किसी नोटिस में क्लेरिकल गलती हुई है तो उसे ठीक किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बागवानों के हित में कांग्रेस सरकार ने सबसे ज्यादा काम किया है। SDMC के माध्यम से जारी नोटिसों को रोकने के लिए भी अधिकारियों को निर्देश देने की बात मुख्यमंत्री ने कही।
प्रियंका गांधी के हिमाचल दौरे को लेकर भी CM का बयान
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के संभावित हिमाचल दौरे को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रियंका गांधी का घर है और वह 14 तारीख को प्रदेश आ सकती हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रियंका गांधी ने मंडी के देउरी स्कूल के पुनर्निर्माण के लिए कहा था। हालांकि, फिलहाल स्कूल के उद्घाटन का कोई आधिकारिक कार्यक्रम प्रस्तावित नहीं है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : पहाड़ी से गिरा मलबा, चपेट में आईं कई बाइक-स्कूटी; तेज बारिश में स्कूल-कॉलेज बंद
शिमला जिला परिषद चुनाव पर BJP को घेरा
शिमला जिला परिषद अध्यक्ष के चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार हाई कोर्ट के निर्देशों का पालन करेगी और अदालत के आदेश के अनुसार चुनाव की तारीख तय की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि जब पहले चुनाव की तारीख तय हुई थी, तब भाजपा के सदस्य चुनाव में नहीं पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को लेकर भाजपा की सक्रियता पर भी तंज कसा और कहा कि BDC और जिला परिषद सदस्यों की भूमिका को लेकर भाजपा जरूरत से ज्यादा राजनीति कर रही है।
यह भी पढ़ें- हिमाचल हाईकोर्ट का फैसला : तलाक के बाद भी हर महीने पति से पैसे ले सकती है पत्नी...
मुख्यमंत्री ने भाजपा के पिछले चुनावी प्रदर्शन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने 256 प्रत्याशी मैदान में उतारे थे, जिनमें 116 उम्मीदवार जीत पाए, जबकि कांग्रेस ने जिला परिषद चुनाव में एक भी प्रत्याशी घोषित नहीं किया था। इसके बावजूद कांग्रेस से जुड़े पदाधिकारी चुनाव जीतने में सफल रहे। उन्होंने पूर्व जयराम सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय 12 में से 9 जिलों में भाजपा समर्थित जिला परिषद अध्यक्ष बने थे, लेकिन बाद में भाजपा उस प्रदर्शन को दोहरा नहीं सकी।
आपदा राहत के 1500 करोड़ को लेकर केंद्र पर फिर बरसे सुक्खू
प्रदेश में आपदा के बाद प्रधानमंत्री की ओर से घोषित 1500 करोड़ रुपये की मदद को लेकर भी मुख्यमंत्री ने भाजपा पर राजनीतिक हमला बोला। सुक्खू ने कहा कि भाजपा नेताओं को विधानसभा सत्र से पहले प्रधानमंत्री से प्रदेश के लिए घोषित सहायता जारी करने की मांग करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने 1500 करोड़ रुपये की मदद की घोषणा की थी और इसका सोशल मीडिया पर भी उल्लेख किया गया था, लेकिन प्रदेश को अभी तक यह सहायता प्राप्त नहीं हुई है।
