शिमला। हिमाचल प्रदेश में विधायक क्षेत्र विकास निधि और ऐच्छिक निधि को लेकर सियासत एक बार फिर तेज हो गई है। शुक्रवार सुबह नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी का विधायक दल शिमला स्थित लोकभवन पहुंचा और राज्यपाल से मुलाकात कर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।
गर्वनर के पास पहुंचे जयराम
भाजपा विधायकों ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार जानबूझकर विपक्षी विधायकों की निधियां रोककर उनके क्षेत्रों के विकास कार्यों को प्रभावित कर रही है।
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सुक्खू सरकार ने रोका विधायकों का पैसा
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अक्टूबर महीमे के बाद से विधायक क्षेत्र विकास निधि जारी नहीं की है। उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में भी विधायकों को निर्धारित राशि की केवल आधी निधि दी गई, जबकि शेष राशि को बिना किसी स्पष्ट कारण के रोक लिया गया।

जनता को उठाना पड़ा रहा नुकसान
यह स्थिति तब है, जब बजट में विधायक निधि का पूरा प्रावधान किया गया है। इसके बावजूद निधि जारी न करना न केवल विधायकों के संवैधानिक अधिकारों का हनन है, बल्कि इससे सीधे तौर पर प्रदेश की जनता को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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अटके पड़े हैं कई काम
जयराम ठाकुर ने कहा कि विधायक क्षेत्र विकास निधि जनता से जुड़े छोटे-बड़े विकास कार्यों की रीढ़ होती है। इस निधि के माध्यम से ग्रामीण सड़कों, पेयजल योजनाओं, सामुदायिक भवनों और आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य किए जाते हैं।

राज्यपाल से किया आग्रह
निधि रोके जाने से इन सभी कार्यों पर ब्रेक लग गया है। उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि सरकार को निर्देश दिए जाएं कि विधायक क्षेत्र विकास निधि और ऐच्छिक निधि तुरंत जारी की जाए, ताकि विकास कार्य दोबारा गति पकड़ सकें।
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सुक्खू सरकार पर गंभीर आरोप
भाजपा विधायक दल के मुख्य सचेतक रणधीर शर्मा ने सरकार पर और भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विधायक क्षेत्र विकास निधि का सीधा उपयोग विधानसभा क्षेत्रों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाता है।
सरकार ने जानबूझकर किया ऐसा
सड़कों की मरम्मत, पेयजल आपूर्ति, भवन निर्माण और प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान की भरपाई जैसे कार्य इसी निधि से होते हैं। निधि न मिलने से इन सभी विकास गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लग चुकी है। रणधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार ने सुनियोजित तरीके से विपक्षी क्षेत्रों में विकास कार्यों को रोकने के लिए ये नीति अपनाई है।
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ऐच्छिक निधि को बंद किया
रणधीर शर्मा ने यह भी कहा कि सरकार ने ऐच्छिक निधि को भी बंद कर दिया है। इस निधि के जरिए गंभीर बीमारियों से जूझ रहे गरीब मरीजों के इलाज, जरूरतमंद परिवारों की मदद और आपात परिस्थितियों में त्वरित सहायता प्रदान की जाती थी। ऐच्छिक निधि बंद होने से सबसे अधिक नुकसान गरीब, असहाय और कमजोर वर्ग के लोगों को हो रहा है, जिनके लिए यह सहायता बेहद जरूरी होती है।

विधायकों ने जताई गहरी चिंता
भाजपा विधायकों ने इस बात पर भी गहरी चिंता जताई कि प्रदेश सरकार ने अपने तीन वर्षों के कार्यकाल में विपक्षी विधायकों द्वारा भेजी गई विकास प्राथमिकताओं को स्वीकृति के लिए आगे ही नहीं बढ़ाया। कई मामलों में तो संबंधित योजनाओं की DPR (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तक तैयार नहीं की गई। इसका नतीजा यह है कि विपक्षी विधायकों के क्षेत्रों में विकास कार्य लंबे समय से ठप पड़े हैं और जनता को मूलभूत सुविधाओं के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
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जल्द पूरे हो सकें सब काम
रणधीर शर्मा ने बताया कि भाजपा विधायक दल ने राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन में स्पष्ट मांग की है कि विधायक क्षेत्र विकास निधि और ऐच्छिक निधि तुरंत जारी की जाए। इसके साथ ही विपक्षी विधायकों की विकास प्राथमिकताओं की DPR तैयार कर नाबार्ड को भेजी जाए और उन्हें जल्द स्वीकृत किया जाए- ताकि प्रदेश के सभी क्षेत्रों में संतुलित और समान विकास हो सके। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक इन मुद्दों को हर मंच पर मजबूती से उठाते रहेंगे और मुख्यमंत्री से भी सीधे तौर पर निधियां जारी करने की मांग करेंगे।
मंत्रियों संग शिकायत लेकर पहुंचे जयराम
इस मौके पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के साथ भाजपा के कई विधायक मौजूद रहे। इनमें विपिन परमार, सतपाल सत्ती, विक्रम ठाकुर, रणधीर शर्मा, डीएस ठाकुर, राकेश चौहान, पवन काजल, सुखराम चौधरी, दिलीप ठाकुर, इंदर सिंह गांधी, डॉ. जनक राज, दीप राज कपूर, लोकेंद्र कुमार, प्रकाश राणा, रीना कश्यप, त्रिलोक जमवाल, इंद्र दत्त लखनपाल, सुरेंद्र शौरी, पूर्ण चंद, जीत राम कटवाल, हंस राज, बलबीर वर्मा सहित अन्य विधायक शामिल थे।
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विकास कार्यों से जुड़ा है मसला
भाजपा विधायक दल का कहना है कि यह मुद्दा किसी राजनीतिक टकराव का नहीं, बल्कि जनता से जुड़े विकास कार्यों का है। यदि सरकार ने शीघ्र निधियां जारी नहीं कीं, तो आने वाले समय में इस मामले को और व्यापक स्तर पर उठाया जाएगा।
