मंडी। हिमाचल प्रदेश के दुर्गम सराज विधानसभा क्षेत्र से इंसानियत और मजबूरी की एक तस्वीर सामने आई है, जिसने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की हकीकत उजागर कर दी है। सराज विधानसभा क्षेत्र नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का गृह क्षेत्र है। बावजूद इसके लोग यहां मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।

15KM बर्फ में पैदल चले ग्रामीण

यहां ग्रामीणों ने बर्फ से ढके खतरनाक रास्तों को पार करते हुए एक बुजुर्ग मरीज को करीब 15 किलोमीटर तक कंधों पर उठाकर अस्पताल पहुंचाया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर रहा है।

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13 दिन से रास्ता बंद

दरअसल, बीते दिनों सराज विधानसभा क्षेत्र में भारी हिमपात हुआ था। लगातार बर्फबारी के चलते क्षेत्र को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पिछले 13 दिनों से पूरी तरह बंद पड़ी है। सड़क बंद होने के कारण छलाई गांव समेत आसपास के कई गांवों का संपर्क गाड़ागुसैनी से कट गया।

 

सराज में दो फीट बर्फ के बीच पैदल मरीज को अस्पताल ले जाते हुए ग्रामीण।

अस्पताल पहुंचना बना चुनौती

इसी बीच बुधवार को छलाई गांव निवासी बुजुर्ग शिव लाल की अचानक तबीयत बिगड़ गई। गांव में स्वास्थ्य सुविधा न होने और सड़क बंद होने के चलते उन्हें अस्पताल पहुंचाना एक बड़ी चुनौती बन गया।

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रस्सियों से बांधी कुर्सी

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने खुद मोर्चा संभाला। शिव लाल को एक कुर्सी पर बैठाकर रस्सियों की मदद से सुरक्षित रूप से बांधा गया, ताकि दुर्गम रास्ते में संतुलन बना रहे। इसके बाद गांव के करीब 15 से 20 युवक और बुजुर्ग बर्फीले रास्तों पर निकल पड़े।

 

कंधों पर उठाया बुजुर्ग

चारों ओर बर्फ, फिसलन और गहरी खाइयों के बीच ग्रामीणों ने एक-एक कदम बेहद सावधानी से रखा और कई घंटों की मशक्कत के बाद मरीज को गाड़ागुसैनी के स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाया।

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जान का बना था खतरा

ग्रामीणों के अनुसार रास्ते में करीब दो फीट तक बर्फ जमी हुई थी। कई जगहों पर पगडंडी पूरी तरह गायब हो चुकी थी, जिससे हर पल फिसलने और जान का खतरा बना हुआ था। इसके बावजूद ग्रामीणों ने हौसला नहीं छोड़ा और इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए बुजुर्ग को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया।

लोगों का फूटा गुस्सा

इस घटना को लेकर क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग और सरकार के प्रति गहरा रोष देखने को मिल रहा है। स्थानीय निवासी समेश राजपूत ने बताया कि सड़क बहाली के लिए कई बार लोक निर्माण विभाग और प्रशासन को अवगत करवाया गया, लेकिन काम कछुआ गति से चल रहा है।

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दस दिन से साफ है मौसम

उन्होंने कहा कि मौसम साफ हुए लगभग 10 दिन बीत चुके हैं, इसके बावजूद अब तक केवल तीन किलोमीटर सड़क से ही बर्फ हटाई जा सकी है। सड़क बंद रहने के कारण ग्रामीणों को अपनी जान जोखिम में डालकर मरीज को कंधों पर उठाना पड़ा।

 

जयराम ठाकुर के गृह क्षेत्र का हाल

यह घटना सिर्फ एक मरीज को अस्पताल पहुंचाने की कहानी नहीं है, बल्कि यह सराज जैसे दूरदराज क्षेत्रों में सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाल स्थिति को भी उजागर करती है। खास बात यह है कि सराज विधानसभा क्षेत्र नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का गृह क्षेत्र है।

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लोगों को करना पड़ रहा संघर्ष

इसके बावजूद यहां के ग्रामीण आज भी आपात स्थिति में सड़क, एंबुलेंस और समय पर इलाज जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि सड़क बहाली के कार्य में तेजी लाई जाए और भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए ठोस इंतजाम किए जाएं, ताकि किसी और को इस तरह अपनी जान जोखिम में डालकर अस्पताल पहुंचाने की नौबत न आए।

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