#उपलब्धि
July 20, 2026
हिमाचल का बेटा इंडियन आर्मी में बना मेजर : 11 साल कड़ी मेहनत कर पाया मुकाम
प्रवीण ने 2011 में सिपाही के रूप में अपनी सेवा शुरू की थी
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सिरमौर। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में इस समय गर्व और खुशी का माहौल है। नौहराधार क्षेत्र की पंचायत चोकर के गांव भंगाड़ी के युवा प्रवीण ठाकुर भारतीय सेना में मेजर के पद पर पदोन्नत हुए हैं।
उनकी इस उपलब्धि ने न केवल परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। गांव में लोगों के बीच उत्साह का माहौल है और हर कोई उनकी सफलता को मेहनत, लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम बता रहा है।
प्रवीण ठाकुर की सफलता का सफर आसान नहीं रहा। उन्होंने वर्ष 2011 में भारतीय सेना में सिपाही के रूप में अपनी सेवा शुरू की थी। सेना में रहते हुए उन्होंने अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट कार्यशैली का परिचय दिया- जिसके चलते उन्हें लांस नायक के पद पर पदोन्नति मिली।
हालांकि उनका सपना इससे कहीं बड़ा था। वह सेना में अधिकारी बनकर देश की सेवा करना चाहते थे। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए उन्होंने लगातार मेहनत की और कई बार असफलताओं का सामना भी किया, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।
लगातार प्रयास और मजबूत आत्मविश्वास के दम पर वर्ष 2022 में उन्होंने लेफ्टिनेंट बनने की परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की। इसके बाद अधिकारी के रूप में उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का बेहतरीन तरीके से निर्वहन किया। उनकी कार्यकुशलता, नेतृत्व क्षमता और समर्पण को देखते हुए अब उन्हें भारतीय सेना में मेजर के पद पर पदोन्नत किया गया है।
प्रवीण ठाकुर के पिता गुमान सिंह और माता श्यामा देवी ने हमेशा अपने बेटे का हौसला बढ़ाया। प्रवीण ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के विद्यालय से प्राप्त की, जबकि जमा दो की पढ़ाई PM श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, नौहराधार से पूरी की।
साधारण ग्रामीण परिवेश से निकलकर भारतीय सेना में मेजर बनना यह साबित करता है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए- तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।

उनकी सफलता ने क्षेत्र के युवाओं के लिए एक नई प्रेरणा प्रस्तुत की है। यह संदेश भी दिया है कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, निरंतर प्रयास और धैर्य से बड़े से बड़ा सपना साकार किया जा सकता है। गांव भंगाड़ी सहित पूरे नौहराधार क्षेत्र में लोग उनकी उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं और उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दे रहे हैं।
प्रवीण ठाकुर की यह उपलब्धि केवल एक व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए सम्मान और प्रेरणा का विषय है। उनकी कहानी आने वाली पीढ़ियों को यह विश्वास दिलाती है कि कठिन परिश्रम, दृढ़ संकल्प और देश सेवा के जज्बे के साथ हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।