#उपलब्धि
December 15, 2025
हिमाचल: पिता चलाते हैं छोटी सी दुकान, बेटे ने लेफ्टिनेंट बन बढ़ाया मान; क्रिकेटर बहन हुई भावुक
हिमाचल के जनजातिय जिला के दुर्गम क्षेत्र के बेटे ने हासिल किया बड़ा मुकाम
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चंबा। जहां सुविधाएं सीमित हों, रास्ते कठिन हों और सपनों तक पहुंचने की राह आसान न हो। वहीं से अगर कोई बेटा देश की सेवा के सर्वोच्च संकल्प तक पहुंच जाए, तो वह सिर्फ एक सफलता नहीं बल्कि पूरे इलाके की उम्मीद बन जाता है। हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला चंबा के अति दुर्गम क्षेत्र छतराड़ी का बेटा भी इसी तरह से कई युवाओं की उम्मीद बन गया है।
छतराड़ी के सजल शर्मा ने विपरित परिस्थितियों में कड़ी मेहनत के दम पर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट का पद हासिल कर लिया है। साधारण परिवार के बेटे सजल शर्मा ने लेफ्टिनेंट बनकर न केवल अपने गांव बल्कि पूरे पहाड़ी और जनजातीय क्षेत्र का सिर गर्व से ऊंचा कर गया है। यह सफलता तब और भी अधिक सफल मानी जाती है, जब संसाधनों की कमी के बावजूद मेहनत, अनुशासन और जिद इतिहास रच दे। हालांकि परिवार का खेल से भी पुराना नाता रहा है। परिवार की ही एक बेटी हिमाचल प्रदेश की अंडर-23 महिला क्रिकेट टीम की कप्तान है।
चंबा जिला के छतराड़ी क्षेत्र के लिए शनिवार का दिन गर्व और उल्लास का प्रतीक बन गया। देहरादून स्थित में आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड के बाद जैसे ही सजल शर्मा के लेफ्टिनेंट बनने की खबर उनके पैतृक क्षेत्र तक पहुंची, पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों, रिश्तेदारों और परिचितों ने इसे जनजातीय क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
सजल शर्मा एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता चमन लाल शर्मा पेशे से दुकानदार हैं, जबकि माता कंचन शर्मा गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने शिक्षा, अनुशासन और मेहनत को हमेशा प्राथमिकता दी। यही संस्कार सजल की सोच और संघर्ष में साफ दिखाई देते हैं। परिवार में खेल और अनुशासन की परंपरा रही है, जिसने सजल के व्यक्तित्व को मजबूत आधार दिया।
सजल का परिवार सिर्फ शिक्षा ही नहीं, खेल जगत में भी अपनी पहचान रखता है। उनके चाचा की बेटी नैंसी शर्मा हिमाचल प्रदेश की अंडर.23 महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हैं। इससे यह साफ होता है कि दुर्गम इलाकों से निकलकर भी प्रतिभाएं राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकती हैं, बस उन्हें सही दिशा और मेहनत की जरूरत होती है।
सजल शर्मा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा छतराड़ी स्थित शिव शक्ति पब्लिक स्कूल से चौथी कक्षा तक पूरी की। इसके बाद उन्होंने कांगड़ा के राजा का बाग स्थित मांटेसरी कैम्ब्रिज स्कूल से पांचवीं से दसवीं कक्षा तक पढ़ाई की। जमा दो की शिक्षा उन्होंने सीनियर सेकेंडरी स्कूल दाड़ी ;धर्मशालाद्ध से प्राप्त की। आगे चलकर धर्मशाला कॉलेज से बीएससी की पढ़ाई पूरी कर उन्होंने अपने लक्ष्य की ओर कदम और मजबूत किए।
सजल ने पहले राष्ट्रीय रक्षा अकादमी की परीक्षा उत्तीर्ण की और लगभग नौ माह का प्रारंभिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद अधिकारी बनने के सपने को साकार करने के लिए उन्होंने चंडीगढ़ए मेरठए दिल्ली और भोपाल जैसे शहरों में विभिन्न प्रशिक्षण केंद्रों से मार्गदर्शन लिया। लगातार प्रयासए अनुशासन और आत्मविश्वास ने अंततः उन्हें सफलता तक पहुंचाया।
वर्ष 2024 में सजल शर्मा का चयन भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून के लिए हुआ। कड़ी ट्रेनिंग और अनुशासन से गुजरने के बाद शनिवार को आयोजित पासिंग आउट परेड में उन्होंने लेफ्टिनेंट के रूप में भारतीय सेना में कदम रखा। उनकी पहली तैनाती उत्तर प्रदेश में हुई है।