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March 7, 2026
BREAKING हिमाचल: कैबिनेट में पंचायत चुनाव पर बड़ा फैसला, अंशकालिक जल वाहक होंगे नियमित
कैबिनेट बैठक में सुक्खू सरकार ने बेरोजगारों को दी राहत
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में आज मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई। आज की बैठक में सुक्खू सरकार ने जहां पंचायत चुनावों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। वहीं कर्मचारी वर्ग और बेरोजगारों को भी राहत प्रदान की गई है। इतना ही नहीं सरकार ने सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी राहत देने वाले कदम उठाए हैं।
आज सीएम सुक्खू की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सिरमौर जिले में शिक्षा विभाग में काम कर रहे उन अंशकालिक जल वाहकों की सेवाओं को नियमित करने का बड़ा फैसला लिया गया है, जिन्होंने 31 मार्च 2025 तक 11 साल की सेवा (अंशकालिक जल वाहक के तौर पर सात साल और दैनिकभोगी के तौर पर चार साल) पूरी कर ली है।
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कैबिनेट ने पंचायत चुनावों में आरक्षण व्यवस्था को लेकर अहम संशोधन को मंजूरी दे दी है। सरकार ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम में बदलाव करते हुए यह तय किया है कि यदि किसी पंचायत में प्रधान, वार्ड सदस्य, बीडीसी या जिला परिषद का पद दो या उससे अधिक बार एक ही श्रेणी के लिए आरक्षित रहा है, तो अगली बार उस रोस्टर को बदला जाएगा।
सरकार का कहना है कि पुराने नियमों के कारण कई पंचायतों में लगातार एक ही वर्ग के लिए सीटें आरक्षित हो जाती थीं। इससे अन्य समुदायों के लोगों को चुनाव लड़ने का अवसर नहीं मिल पाता था। नए नियम लागू होने के बाद इस वर्ष होने वाले पंचायत चुनावों में आरक्षण का रोस्टर नई व्यवस्था के अनुसार तय किया जाएगा।
कैबिनेट ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (चुनाव) नियम, 1994 के नियम 28, 87, 88 और 89 में संशोधन का प्रस्ताव भी तैयार किया है। इन प्रस्तावित बदलावों पर सरकार ने आम जनता से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित करने का फैसला लिया है। प्रस्ताव के अनुसार वर्ष 2010 से लगातार दो कार्यकाल तक आरक्षित रही पंचायतों को आगामी चुनावों में सामान्य श्रेणी में लाया जा सकता है।
बैठक में युवाओं को राहत देते हुए विभिन्न विभागों में कई पद भरने का फैसला लिया गया। इंजीनियरिंग और फार्मेसी कॉलेजों में 60 जूनियर असिस्टेंट प्रोफेसर, सहकारिता विभाग में दो असिस्टेंट रजिस्ट्रार और 30 इंस्पेक्टर के पद भरे जाएंगे। इसके अलावा खेल छात्रावासों में 16 कोच नियुक्त करने का भी निर्णय लिया गया है।
कैबिनेट बैठक में सामाजिक सुरक्षा पेंशन नियमों में भी महत्वपूर्ण संशोधन किया गया। Himachal Pradesh Social Security Pension Rules, 2010 के तहत ‘निर्धन’ की परिभाषा को स्पष्ट किया गया है। अब ऐसी महिलाएं जो पति से अलग रह रही हैं और जिनकी कोई स्वतंत्र आय नहीं है, उन्हें निर्धन श्रेणी में शामिल किया जाएगा और वे सरकारी पेंशन योजनाओं का लाभ ले सकेंगी।
कैबिनेट ने राज्य में लंबित पड़ी 15 जलविद्युत परियोजनाओं को रद्द करने का निर्णय लिया, जो वन-टाइम छूट योजना के बावजूद शुरू नहीं हो पाई थीं। इसके अलावा पंडोह में 10 मेगावाट के एक छोटे जलविद्युत प्रोजेक्ट को भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड को आवंटित करने का फैसला किया गया। इसके बदले राज्य सरकार को 13 प्रतिशत मुफ्त बिजली और 5 प्रतिशत अतिरिक्त बिजली मिलेगी।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने चंडीगढ़-शिमला हेली टैक्सी सेवा को भी विस्तार देने का निर्णय लिया है। अब यह सेवा सप्ताह में तीन के बजाय 12 राउंड चलेगी, यानी छह दिन तक रोजाना दो उड़ानें संचालित की जाएंगी। इसके लिए राज्य सरकार वायबिलिटी गैप फंडिंग उपलब्ध कराएगी।
कैबिनेट ने शिक्षा क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण फैसले लिए। Kendriya Vidyalaya Sangathan के लिए भूमि हस्तांतरण को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत Kotkhai और Paonta Sahib में नए केंद्रीय विद्यालय खोले जाएंगे। इसके अलावा Gagret में नया सब-डिविजनल पुलिस ऑफिस खोलने की मंजूरी दी गई है। वहीं Kharar, Hamirpur स्थित खेल छात्रावास की क्षमता बढ़ाकर 100 बिस्तर करने और उसे राज्य स्तरीय स्पोर्ट्स सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने का भी फैसला लिया गया।