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June 13, 2025

हिमाचल के नौसेना जवान ने पूरे विश्व में बजाया भारत का डंका- राष्ट्रपति मुर्मू ने किया सम्मानित

भारत के एकमात्र अंतरराष्ट्रीय हाइड्रोग्राफर हैं लोचन सिंह पठानिया

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lochan singh pathania

कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के लिए यह गौरव का क्षण रहा, जब इस माटी का बेटा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मेडल लेने पहुंचा। परिवार की आखों में नमी देखने को मिली और पूरा क्षेत्र तालियां बजाकर अपने बेटे पर गर्व कर रहा था। 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया सम्मानित

कांगड़ा जिले के शाहपुर क्षेत्र के नौसेना में सेवाएं दे रहे वाइस एडमिरल लोचन सिंह पठानिया को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अति विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया है। यह सम्मान उनकी भारतीय नौसेना में दी गई उत्कृष्ट, समर्पित और अनुकरणीय सेवाओं के लिए प्रदान किया गया।

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भारतीय नौसेना में दे रहे सेवाएं

वाइस एडमिरल पठानिया का जन्म शाहपुर के समीप गांव सदूं में हुआ। वे स्वर्गीय प्रेम सिंह के बेटे है जो खुद एक एक अध्यापक रहें। प्रारंभिक शिक्षा सदूं और शाहपुर से प्राप्त करने के बाद, उनकी प्रतिभा ने उन्हें सैनिक स्कूल कपूरथला तक पहुंचाया। यहीं से वे भारतीय नौसेना अकादमी तक पहुंचे और 1990 में नौसेना में कमीशन प्राप्त किया।

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भारत के पहले अंतरराष्ट्रीय हाइड्रोग्राफर

बता दें कि लोचन सिंह पठानिया देश के इकलौते हाइड्रोग्राफर हैं, जिन्होंने भारत के साथ-साथ ओमान और ब्रिटेन जैसे देशों के लिए भी हाइड्रोग्राफी संबंधी सेवाएं दी हैं। वे 1 फरवरी, 2024 को भारत सरकार के मुख्य हाइड्रोग्राफर के पद पर नियुक्त हुए।

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हर युवा के लिए मिसाल बने 

वाइस एडमिरल पठानिया का जीवन युवाओं के लिए एक प्रेरणा है। सीमित संसाधनों और ग्रामीण परिवेश से निकलकर, उन्होंने वैश्विक पहचान बनाई। उनका यह सफर न केवल हिमाचल बल्कि समूचे भारत के लिए गौरवशाली है।

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