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June 12, 2026

अधूरा रह गया अदित्य का वादा- जुलाई में लौटने की कही थी बात, इकलौते बेटे को खोकर बिखरा परिवार

माता-पिता और दादी का रो-रोकर बुरा हाल है।

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हमीरपुर। अमेरिकी हमले में जान गंवाने वाले हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के भालू गांव निवासी 23 वर्षीय मर्चेंट नेवी कैडेट आदित्य शर्मा के परिजन अब भी बेटे के पार्थिव शरीर के स्वदेश पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। परिवार को अब तक यह स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है कि आदित्य का शव कब भारत लाया जाएगा।

पोस्टमार्टम के लिए जहाज से शिफ्ट किया गया शव

आदित्य के चाचा संजीव लखनपाल ने बताया कि बीती शाम तक उनका शव जहाज पर ही था। बाद में उन्हें जानकारी दी गई कि शव को पोस्टमार्टम के लिए शिप से स्थानांतरित किया जा रहा है। इसके बाद परिवार को कोई नई सूचना नहीं मिली। बताया जा रहा है कि आदित्य के सिर में गंभीर चोट लगी थी।

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घर में पसरा मातम, माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल

इकलौते बेटे की मौत की खबर के बाद से परिवार गहरे सदमे में है। माता-पिता और दादी का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव और आसपास के क्षेत्रों से लोग लगातार परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं। हालांकि, हर किसी के मन में एक ही सवाल है कि आदित्य का पार्थिव शरीर आखिर कब घर पहुंचेगा।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से लगाई गुहार

आदित्य के पिता राजेश शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, CM सुखविंदर सिंह सुक्खू और सांसद अनुराग ठाकुर से बेटे के शव को जल्द भारत लाने की अपील की है। बीती शाम CM सुक्खू ने भी फोन पर परिवार से बात की और चीफ सेक्रेटरी के माध्यम से भारत सरकार से संपर्क कर प्रक्रिया में तेजी लाने का भरोसा दिया।

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जुलाई में घर लौटने वाला था बेटा

आदित्य शर्मा वर्ल्ड मैरिटाइम एनर्जी लिमिटेड कंपनी के तेल टैंकर 'एमटी सेत्तेबेल्लो' पर डेक कैडेट के पद पर तैनात थे। उनका जॉब कॉन्ट्रैक्ट मई में समाप्त हो चुका था, लेकिन उन्होंने एक महीने के लिए इसे बढ़ा लिया था। परिवार को उम्मीद थी कि जुलाई में वह सात महीने बाद घर लौटेगा, लेकिन उससे पहले आई दुखद खबर ने सब कुछ बदल दिया।

पिता ने उठाए गंभीर सवाल

आदित्य के पिता राजेश शर्मा ने इस घटना को युद्ध अपराध करार देते हुए सवाल उठाया कि एक कारोबारी जहाज को इतने संवेदनशील और डेंजर जोन वाले क्षेत्र के करीब क्यों ले जाया गया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

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21 भारतीय क्रू सदस्य सुरक्षित

विदेश मंत्रालय के अनुसार, तेल टैंकर 'एमटी सेत्तेबेल्लो' पर मौजूद 24 भारतीय क्रू सदस्यों में से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि तीन भारतीयों की इस हमले में मौत हो गई। इन्हीं में हमीरपुर के आदित्य शर्मा भी शामिल थे।

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