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August 11, 2025

हिमाचल ने रचा इतिहास: आज से शुरू हुई रोबोटिक सर्जरी; हिमकेयर में भी मिलेगी सुविधा

अटल सुपर स्पेशियलिटी में आज चार लोगों की हुई रोबोटिक सर्जरी

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Robotic Surgery  Himachal

शिमला। हिमाचल प्रदेश ने चिकित्सा सेवाओं में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए रोबोटिक सर्जरी के क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई है। शिमला के चमियाणा क्षेत्र में स्थित अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटी (AIMSS) में आज पहली बार इस अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग करते हुए चार जटिल ऑपरेशनों को सफलता पूर्वक अंजाम दिया गया।

सीएम सुक्खू ने किया उद्घाटन

इस मौके पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रोबोटिक सर्जरी यूनिट का उद्घाटन करते हुए कहा कि यह सुविधा प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह तकनीक अब तक सिर्फ बड़े महानगरों तक सीमित थी, लेकिन अब हिमाचल के आम नागरिकों को भी इसका लाभ मिलेगा। वहीं सीएम सुक्खू ने कहा कि आने वाले समय में हिमकेयर कार्ड से भी रोबोटिक सर्जरी की जाएगी। जिससे हिमकेयर धारकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

 

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अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधा अब प्रदेश में

AIMSS में 29 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित की गई रोबोटिक सर्जरी यूनिट में आज जिन चार मरीजों की सर्जरी की गई, उनमें प्रोस्टेट कैंसर, किडनी ट्यूमर और नॉन-फंक्शनिंग किडनी से पीड़ित मरीज शामिल हैं। इन सर्जरी की निगरानी लखनऊ स्थित संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) के यूरोलॉजी प्रमुख डॉ. अनंत कुमार ने की, जबकि AIMSS के डॉक्टर पंपोष रैना और डॉ. नवीन कौंडल ने संचालन किया।

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रोबोटिक सर्जरी: सटीकता और कम जोखिम का वादा

रोबोटिक सर्जरी एक उन्नत न्यूनतम इनवेसिव तकनीक है जिसमें डॉक्टर एक कंट्रोल कंसोल के माध्यम से रोबोटिक बाहों को नियंत्रित करते हैं। ये बाहें सर्जिकल उपकरणों और हाई-रेजोल्यूशन कैमरों से लैस होती हैं, जिससे ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों को शरीर के अंगों की स्पष्ट और विस्तृत छवि मिलती है।

 

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इस तकनीक के जरिए पारंपरिक सर्जरी की तुलना में कम चीरा लगता है, जिससे न केवल रक्तस्राव कम होता है, बल्कि मरीज की रिकवरी भी तेज होती है। मुख्यमंत्री ने कहा, "जब पांच साल पहले मेरी खुद की रोबोटिक सर्जरी हुई थी, तभी मैंने यह संकल्प लिया था कि हिमाचल में भी यह तकनीक उपलब्ध कराऊंगा। आज वह सपना साकार हो रहा है।"

भविष्य में टांडा सहित छह मेडिकल कॉलेजों में मिलेंगी अत्याधुनिक सुविधाएं

मुख्यमंत्री सुक्खू ने यह भी घोषणा की कि अब टांडा मेडिकल कॉलेज में भी रोबोटिक सर्जरी यूनिट की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा, हमीरपुर, नेरचौक, चंबा और नाहन मेडिकल कॉलेज में भी अत्याधुनिक इन-हाउस ऑटोमेटेड लैब्स स्थापित की जाएंगी, जिससे सभी जांच रिपोर्टें ऑनलाइन उपलब्ध होंगी। इससे मरीजों को एक ही टेस्ट बार-बार करवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र के आधुनिकीकरण पर 200 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। पुराने एक्स-रे और अन्य उपकरणों को हटाकर नए डिजिटल सिस्टम लगाए जा रहे हैं।

 

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