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June 25, 2025

हिमाचल : गरीबी के बावजूद मां-बाप ने खूब पढ़ाया बेटा, तपस्या लाई रंग- अब बना बड़ा अफसर

गांव दधोल में जश्न का माहौल

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बिलासपुर। हिमाचल के बिलासपुर जिले के छोटे से गांव दधोल से निकलकर आनंद कुमार ने वह कर दिखाया है, जो हजारों युवाओं का सपना होता है। घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के इस प्रतिभाशाली युवक ने हिमाचल प्रदेश एलाइड सर्विसेज परीक्षा पास कर पूरे गांव और जिले का नाम रोशन कर दिया है।

गांव से लेकर इंटरव्यू तक का सफर

आनंद कुमार की शुरुआती पढ़ाई सरस्वती विद्या मंदिर, दधोल और भटेड़ में हुई। जमा दो तक की शिक्षा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय डंगार से पूरी करने के बाद उन्होंने स्नातक की डिग्री राजकीय महाविद्यालय कलरी से हासिल की। इसके बाद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला से उन्होंने एमएससी और एमफिल की डिग्री प्राप्त की।

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एलाइड सर्विसेज परीक्षा की पास

आनंद ने बताया कि एलाइड सर्विसेज की प्रारंभिक परीक्षा सितंबर 2024 में, मुख्य परीक्षा 7, 8 और 9 मार्च 2025 को और साक्षात्कार 18 जून को आयोजित किया गया था। 24 जून को आए परिणाम में आनंद कुमार ने सफलता हासिल की।

माता-पिता की मेहनत को बताया असली पूंजी

सफलता के बाद आनंद ने कहा कि  मेरे माता-पिता ने तमाम आर्थिक चुनौतियों के बावजूद मुझे पढ़ाया। उनके आशीर्वाद और मेहनत के बिना ये मुमकिन नहीं था। आनंद के पिता खेतीबाड़ी करते हैं, जबकि मां आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद बेटे को शिक्षित करने की उनकी तपस्या आज रंग लाई है।

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गांव में मिठाइयां, बधाइयों की बौछार

जैसे ही परिणाम घोषित हुआ, गांव दधोल में खुशी की लहर दौड़ गई। रिश्तेदार, ग्रामीण और शुभचिंतकों ने मिठाइयां बांटकर अपनी खुशियां ज़ाहिर कीं। स्थानीय लोगों ने आनंद की सफलता को क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बताया है।

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प्रेरणादायक है आनंद की कहानी

बिना कोचिंग और शहरी संसाधनों के भी लगन और धैर्य से बड़ी परीक्षाएं पास की जा सकती हैं।एक किसान और आंगनबाड़ी कर्मचारी का बेटा राज्य की प्रशासनिक सेवा में चयनित हो सकता है, तो कोई भी कर सकता है। आनंद की यह सफलता न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि पूरे हिमाचल के उन युवाओं के लिए उम्मीद की किरण है जो संसाधनों की कमी को अपनी कमजोरी समझते हैं।

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