#उपलब्धि
December 17, 2025
हिमाचल का बेटा CANADA में बना पुलिस अफसर, भर्ती में किया टॉप- पिता का बढ़ाया मान
बलविंदर ने कनाडा में बनाई अपनी अलग पहचान- सबके लिए बने प्रेरणा
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ऊना। कहते हैं कि जब सरहदों से आगे हौसलों की उड़ान आती है तो मेहनत खुद पहचान बन जाती है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है ऊना जिले के बेटे बलविंदर सिंह ने। बलविंदर सिंह ने अपने मेहनत के दम पर ऐसा मुकाम हासिल किया है- जिससे हिमाचल का नाम दुनियाभर में रोशन हो गया है।
हरोली क्षेत्र के अंतर्गत नगर पंचायत टाहलीवाल निवासी बलविंदर सिंह ने एक बड़ी और प्रेरणादायक उपलब्धि हासिल की है। बलविंदर ने कनाडा की जेल पुलिस भर्ती प्रक्रिया में प्रथम स्थान प्राप्त कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र, जिले और प्रदेश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है।
बलविंदर सिंह एक साधारण लेकिन संस्कारों से भरे परिवार से संबंध रखते हैं। उनके पिता गुरभाग सिंह हिमाचल प्रदेश फायर सर्विस में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और वर्षों से अनुशासन व कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल बने हुए हैं।
वहीं, उनकी माता आशा देवी एक गृहिणी हैं, जिन्होंने हर मोड़ पर बेटे को प्रोत्साहित किया। परिवार का माहौल मेहनत, ईमानदारी और सेवा भावना से जुड़ा रहा, जिसका प्रभाव बलविंदर के व्यक्तित्व में साफ झलकता है।
बलविंदर ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद पालकवाह के एक निजी स्कूल से बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण की। पढ़ाई के साथ-साथ उनके मन में कुछ बड़ा करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का सपना पलता रहा। इसी सपने को साकार करने के लिए वह वर्ष 2021 में उच्च शिक्षा के उद्देश्य से कनाडा रवाना हुए।
कनाडा पहुंचकर उन्होंने ओकाना कॉलेज से तीन वर्षों तक गहन अध्ययन किया। विदेशी धरती पर पढ़ाई, सीमित संसाधन, नई संस्कृति और कड़े शैक्षणिक मानकों के बीच खुद को साबित करना आसान नहीं था, लेकिन बलविंदर ने हर चुनौती को सीख का अवसर बनाया।
पढ़ाई पूरी करने के बाद बलविंदर ने कनाडा जेल पुलिस भर्ती प्रक्रिया में भाग लिया। इस प्रक्रिया में शारीरिक दक्षता, मानसिक क्षमता, लिखित परीक्षा, साक्षात्कार और अनुशासन से जुड़े कई कठिन चरण शामिल होते हैं।
बलविंदर ने अपनी मेहनत, आत्मविश्वास और निरंतर अभ्यास के दम पर सभी टेस्टों में शानदार प्रदर्शन किया और प्रथम स्थान हासिल कर लिया। इस उपलब्धि के बाद उन्हें कनाडा जेल पुलिस में नियुक्ति प्रदान की गई।
अपनी सफलता पर बलविंदर सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि उनकी कड़ी मेहनत, आत्मअनुशासन और माता-पिता के आशीर्वाद का परिणाम है। उन्होंने बताया कि जब भी परिस्थितियां कठिन हुईं, परिवार की सीख और विश्वास ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी।
बलविंदर की इस उपलब्धि से टाहलीवाल और हरोली क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। लोग इसे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बता रहे हैं। बलविंदर की इस सफलता के बाद उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बलविंदर सिंह की सफलता यह साबित करती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची, तो हिमाचल का युवा दुनिया के किसी भी कोने में अपनी पहचान बना सकता है।
बलविंदर आज उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं। बलविंदर सिंह की यह उपलब्धि हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व की बात है और आने वाली पीढ़ियों को मेहनत और आत्मविश्वास का संदेश देती है।