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December 31, 2025

22 साल का अभिषेक बना HAS- पहले की प्रयास में पास की परीक्षा, पिता ने मजदूरी कर पढ़ाया

पहले प्रयास में पास की अंतिम परीक्षा

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HAS Abhishek Kapoor

कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा परीक्षा का रिजल्ट घोषित हो गया है। इस परीक्षा प्रदेश के कई युवाओं ने अपनी सफलता का परचम लहराया है। होनहारों की सूची में मजदूर के बेटे ने भी अपना नाम जोड़ लिया है।

22 साल का अभिषेक बना HAS

बैजनाथ उपमंडल के छोटे से गांव मंढेर के अभिषेक कपूर ने वह मुकाम हासिल कर लिया है, जो हजारों युवाओं का सपना होता है। महज 22 वर्ष की उम्र में अभिषेक का हिमाचल पुलिस सेवा (HPS) अधिकारी के रूप में चयन होना न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय बन गया है।

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पहले प्रयास में हासिल की सफलता

खास बात यह है कि अभिषेक ने अपने पहले ही प्रयास में यह बड़ी सफलता हासिल की है। अभिषेक कपूर ने हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए यह उपलब्धि अपने नाम की। सीमित संसाधनों और साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद अभिषेक ने कभी अपने सपनों को कमजोर नहीं पड़ने दिया।

मजदूर हैं अभिषेक के पिता

उनके पिता तिलक राज मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं, जबकि माता गिलमो देवी एक गृहिणी हैं। कठिन आर्थिक हालातों के बीच भी माता-पिता ने बेटे की पढ़ाई और हौसले को हमेशा प्राथमिकता दी।

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2023 में हासिल की स्नातक डिग्री

अभिषेक की प्रारंभिक शिक्षा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बीड़, बैजनाथ में हुई। स्कूल के दिनों से ही वे पढ़ाई में गंभीर और लक्ष्य के प्रति स्पष्ट नजर आते थे। इसके बाद उन्होंने हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय, धर्मशाला से वर्ष 2023 में स्नातक की डिग्री हासिल की। विश्वविद्यालय जीवन के दौरान ही उन्होंने प्रशासनिक और पुलिस सेवा में जाने का संकल्प कर लिया था और उसी दिशा में पूरी लगन से तैयारी शुरू कर दी।

पढ़ाई के दौरान मिली खास मदद

अपनी सफलता का श्रेय अभिषेक केवल मेहनत को ही नहीं देते, बल्कि उन लोगों को भी याद करते हैं जिन्होंने मुश्किल समय में उनका साथ दिया। अभिषेक ने बताया कि स्वामी रामानंद ट्रस्ट और समाजसेवी राजेश शर्मा ने न सिर्फ उन्हें लगातार प्रोत्साहित किया, बल्कि पढ़ाई और तैयारी के दौरान आर्थिक सहायता भी प्रदान की। अभिषेक का कहना है कि इस सहयोग के बिना उनका सफर कहीं अधिक कठिन हो सकता था और वे जीवनभर इस मदद के लिए आभारी रहेंगे।

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पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर

अभिषेक के HPAS अधिकारी बनने की खबर जैसे ही गांव मंढेर और आसपास के क्षेत्रों में पहुंची, खुशी की लहर दौड़ गई। गांव में बधाइयों का तांता लग गया और लोग इसे मेहनत, संघर्ष और सही मार्गदर्शन की जीत बता रहे हैं।

माता-पिता के सपनों को किया साकार

अभिषेक कपूर आज न केवल अपने माता-पिता के सपनों को साकार कर रहे हैं, बल्कि उन तमाम युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं जो सीमित संसाधनों के कारण अपने सपनों को छोटा मान लेते हैं। उनका चयन यह संदेश देता है कि ईमानदार मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।

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