#हादसा
August 25, 2025
हिमाचल में मौसम का कहर: भूस्खलन की चपेट में आया शिक्षक, घर पर गिरे मलबे में दब गया किशोर
अपने घरों को छोड़ने को मजबूर हुए लोग,कई सड़कें बंद
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ऊना। हिमाचल प्रदेश का ऊना जिला इस समय लगातार हो रही मूसलधार बारिश और भूस्खलन की चपेट में है। सोमवार को जिले के विभिन्न हिस्सों में हुई भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर पहाड़ दरक गए, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त हो गया है। इन हादसों में एक शिक्षक और एक किशोर घायल हो गए हैं, जबकि कई घरों और सड़क मार्गों को भी नुकसान पहुंचा है।
सोमवार को नेहरियां-नंदपुर सड़क मार्ग पर स्थित थड़ा गांव के पास एक बड़ा हादसा उस समय हुआ, जब चौकीमन्यार स्कूल में तैनात शिक्षक सुरेंद्र शर्मा अपनी बाइक से स्कूल जा रहे थे। अचानक एक पहाड़ी दरक गई और भारी मलबा सड़क पर आ गिरा, जिससे वे उसकी चपेट में आ गए।
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गनीमत यह रही कि सुरेंद्र शर्मा ने तत्परता दिखाते हुए खुद को समय रहते बाहर निकाल लिया, जिससे उनकी जान बच गई। हालांकि उनकी बाइक पूरी तरह मलबे में दब गई। हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय विधायक सुदर्शन सिंह बबलू मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से बाइक को मलबे से बाहर निकाला गया।
आज सोमवार को ही टकारला पंचायत के वार्ड नंबर 4 के साधा दा चौ क्षेत्र में भारी वर्षा के चलते एक और पहाड़ी दरक गई। इस हादसे में देवराज का घर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसका 13 वर्षीय पोता वनीत कुमार मलबे की चपेट में आ गया। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए वनीत को मलबे से बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों के अनुसार, वनीत की टांग में गंभीर चोट आई है और वह फिलहाल उपचाराधीन है।
इसी पंचायत में एक अन्य घटना में सुभाष चंद के मकान का डंगा रिटेनिंग वॉल गिर गया, जिससे उनके मकान पर खतरा मंडराने लगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए परिवार ने सुरक्षित स्थान पर शरण ली है। स्थानीय प्रशासन को इस बारे में सूचित कर दिया गया है।
लगातार बारिश और भूस्खलन के चलते जिले की कई प्रमुख सड़कें भी अवरुद्ध हो गई हैं। चक्सरायेंदृबड़ूही मार्ग पर बेहड़ कांशी के समीप और चक्सरायें अंब मार्ग पर भारी पत्थर और पेड़ों के गिरने से यातायात पूरी तरह से बाधित है। इन रास्तों के बंद होने से लोगों को वैकल्पिक मार्गों से गुजरना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग की टीमें सड़क बहाली में जुटी हैं, लेकिन भारी मलबा और लगातार बारिश के कारण राहत कार्यों में कठिनाई आ रही है।
बेहड़ जसवां ग्राम पंचायत के चक गांव में एक बड़ा नाला उफान पर आ गया है। निकासी व्यवस्था पूरी तरह ठप होने के चलते पानी ने रुख पलटकर खेतों और घरों में घुसपैठ कर ली है। कई खेत तालाब में तब्दील हो चुके हैं, वहीं कुछ घरों में पानी घुसने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से तुरंत नाले की सफाई और जल निकासी व्यवस्था बहाल करने की मांग की है, ताकि स्थिति और न बिगड़े।
भूस्खलन और जलभराव की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से तुरंत राहत कार्य तेज करने की अपील की है। लोगों की मांग है कि जोखिम वाले क्षेत्रों में अस्थायी शेल्टर बनाए जाएं, आवश्यक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं और क्षतिग्रस्त सड़क मार्गों को जल्द से जल्द बहाल किया जाए।