#राजनीति
August 25, 2025
आज विधानसभा सदन में गूंजेगा नौकरियों का मुद्दा, पक्ष-विपक्ष में होगी तीखी नोक-झोंक
पेड़-पौधों को नुकसान और मुआवजे पर सवाल
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शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र आज दोपहर दो बजे से फिर शुरू होगा। दो दिन के अवकाश के बाद हो रही कार्यवाही का आज छठा दिन है। सदन की शुरुआत हमेशा की तरह प्रश्नकाल से होगी और इस दौरान विपक्ष व सत्ता पक्ष दोनों ही दलों के सदस्य जनता से जुड़े अहम मुद्दे उठाने वाले हैं।
बतौर रिपोर्टर्स, आज के प्रश्नकाल में कुल 74 प्रश्न शामिल हैं। इनमें से 60 तारांकित और 14 अतारांकित प्रश्न होंगे। यानी सदन में एक के बाद एक कई मुद्दों पर सरकार को जवाब देना होगा। आज की कार्यवाही में सबसे पहले नौकरियों का मामला उठने वाला है। विपक्ष की ओर से नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और विधायक जीतराम कटवाल ने सरकार से यह सवाल किया है कि बीते दो वर्षों में 30 नवंबर 2024 तक विभिन्न विभागों में कितनी रिक्तियां सामने आईं।
साथ ही उन्होंने यह भी जानना चाहा है कि इस दौरान कितने पद नियमित आधार पर भरे गए, कितनों को अनुबंध पर नियुक्त किया गया, कितने दैनिक वेतनभोगी लगे और कितनों को पार्ट-टाइम अवसर दिए गए।
इसी कड़ी में विपक्ष ने युवाओं के स्वरोजगार को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि प्रदेश सरकार ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौन-कौन सी योजनाएं शुरू की हैं और अब तक कितने युवाओं को इन योजनाओं से लाभ मिला है। इन सवालों का जवाब खुद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू देंगे।
वहीं सत्ता पक्ष की ओर से विधायक अनुराधा राणा ने वन विभाग से जुड़ा मुद्दा उठाया है। उन्होंने पूछा है कि प्रदेश में जंगली जानवरों के कारण पेड़-पौधों को जो नुकसान होता है, उसके लिए क्या सरकार किसी मुआवजा नीति पर विचार कर रही है। साथ ही यह भी सवाल रखा गया है कि क्या सरकार फसलों को बचाने के लिए किसानों को साउंड सिस्टम या लाइट सिस्टम जैसे उपकरण अनुदान पर उपलब्ध करवाने की योजना बना रही है।
सत्र में आज केवल नौकरियों और वन विभाग से जुड़े मुद्दे ही नहीं, बल्कि कई अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न भी सदन में उठाए जाएंगे। इनमें पार्किंग व्यवस्था, अनुकंपा के मामले, स्वीकृत सड़क परियोजनाएं, वाहनों की आवाजाही, जाति प्रमाण पत्र, पुलिस थाने की स्थिति, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, शिक्षा की गुणवत्ता, वन महोत्सव, और रिक्त पदों से संबंधित सवाल शामिल हैं।