#हादसा
August 28, 2025
मणिमहेश यात्रा पर गए दो युवक की गई जा*न, दो महिलाएं बाढ़ लापता, परिजन परेशान
लापता महिलाओं के अन्य साथी बेस कैंप पहुंचे, परिजन परेशान
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चंबा। हिमाचल प्रदेश की पवित्र मणिमहेश यात्रा इस वर्ष कुदरत के कहर का शिकार बन गई है। भरमौर क्षेत्र में बादल फटने और उसके चलते आए जलप्रलय ने यात्रा मार्ग पर भारी तबाही मचाई है। नालों में आई बाढ़ के कारण कई स्थानों पर सड़कें और पुल बह गए हैं, जिससे यात्रा मार्ग पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। हजारों श्रद्धालु बीच रास्ते में फंसे हुए थे, जिन्हें प्रशासन युद्धस्तर पर राहत व बचाव कार्यों के ज़रिए सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा रहा है।
प्रशासन ने वीरवार को राहत कार्यों में तेजी लाते हुए 3280 श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला, जिनमें 280 बच्चे भी शामिल हैं। हेलीकॉप्टर, ट्रैकिंग और स्थानीय सहायता से यह बचाव अभियान चलाया जा रहा है। भरमौर से बनीखेत तक कई श्रद्धालु पैदल यात्रा करके वापस लौटे हैं और यात्रा मार्ग की भयावह स्थिति बयान कर रहे हैं।
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इस यात्रा के दौरान दो युवकों की जान भी चली गई। 18 वर्षीय अमन, निवासी सुजानपुर, जिला पठानकोट और 18 वर्षीय रोहित पुत्र सोहन लाल, निवासी पठानकोट, इस आपदा की चपेट में आकर मारे गए। रोहित का शव हेलीकॉप्टर द्वारा चंबा लाया गया, जहां उसे परिजनों को सौंपा गया। अमन की मौत से उसके गांव में मातम पसरा हुआ है।
मणिमहेश यात्रा पर गई हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले की दो महिलाएं जीवन ज्योति और बबली शर्मा, अब तक लापता हैं। ये महिलाएं उपमंडल अंब की ग्राम पंचायत चौआर की रहने वाली हैं और आठ अन्य महिलाओं के साथ शुक्रवार को यात्रा पर निकली थीं। जीवन ज्योति के पति दीपेंद्र शर्मा ने बताया कि शनिवार को मौसम बिगड़ने के बाद उन्होंने उस वाहन चालक से संपर्क किया, जिसने उनकी यात्रा के लिए सवारी पहुंचाई थी। चालक ने बताया कि बाकी सभी महिलाएं लौट आई हैं, लेकिन जीवन ज्योति और बबली बेस कैंप तक नहीं पहुंचीं।
दीपेंद्र ने सरकार द्वारा जारी हेल्पलाइन पर संपर्क किया, लेकिन संतोषजनक जानकारी नहीं मिल सकी। इसके बाद उन्होंने चंबा जिले में तैनात एक पुलिस अधिकारी से बात की, जिन्होंने बताया कि भारी बारिश और भूस्खलन के चलते भरमौर क्षेत्र में संचार प्रणाली पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे यात्रियों से संपर्क करना संभव नहीं है। दीपेंद्र शर्मा ने अपनी पीड़ा प्रदेश सरकार और स्थानीय विधायक सुदर्शन सिंह बबलू तक पहुंचाई, जिन्होंने मामला विधानसभा में भी उठाया है। परिजनों ने सरकार से जल्द से जल्द लापता महिलाओं की तलाश करवाने की अपील की है।
आपदा की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि चंबा से भरमौर जाने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) कई स्थानों पर रावी नदी में समा गया है। भूस्खलन और नदी की कटान ने कई किलोमीटर सड़क को तबाह कर दिया है। श्रद्धालु अब भी फंसे हुए हैं और बचाव कार्य जारी है।
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चंबा और भरमौर में पिछले चार दिनों से मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह बाधित हैं, जिससे स्थानीय लोग और श्रद्धालु परिजनों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। प्रशासन ने वैकल्पिक संचार माध्यमों और वायरलेस सिस्टम के जरिए बचाव कार्यों की निगरानी शुरू की है।
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वीरवार दोपहर बाद कई श्रद्धालु भरमौर से पैदल चलकर बनीखेत पहुंचे। उन्होंने बताया कि यात्रा मार्ग पूरी तरह से कीचड़, पत्थरों और टूटी सड़कों में तब्दील हो चुका है। कई श्रद्धालु रास्ता भटक गए, जिन्हें स्थानीय लोग और प्रशासनिक टीमें ढूंढकर वापस ला रही हैं।