#हादसा
October 19, 2025
हिमाचल: चालक ने किया आगाह, टोल कर्मी पर्ची कटवाने पर अड़ा रहा...फिर हुआ भीषण अ*ग्नि*कांड
परवाणू टोल प्लाजा पर दहकी कार ने तीन टोल बूथों को कर दिया खाक
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सोलन। "कार से धुंआ निकल रहा है"... ये वो शब्द थे जो अल सुबह एक कार चालक ने परवाणू टोल प्लाजा पर पहुंचते ही बोले। लेकिन टोल कर्मियों ने स्थिति की गंभीरता को समझने के बजाय, कथित तौर पर पहले टोल पर्ची कटवाने पर जोर दिया। चंद पलों बाद जो हुआ, उसने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। सुबह करीब 5 बजे अंबाला से शिमला की ओर जा रही एक कार परवाणू टोल बैरियर के पास अचानक भीषण आग की चपेट में आ गई। आग इतनी तेजी से फैली कि टोल प्लाजा के तीन टोल कलेक्शन बूथ भी इसकी चपेट में आकर पूरी तरह खाक हो गए। गनीमत रही कि इस भयावह हादसे में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ, लेकिन आग ने लाखों रुपये की सार्वजनिक संपत्ति को पलभर में नष्ट कर दिया।
मौके पर मौजूद चश्मदीदों के अनुसार कार चालक ने जब देखा कि उसके वाहन से धुंआ निकल रहा है, तो वह घबरा गया और कार को टोल लेन से हटाने का प्रयास करने लगा। इस दौरान उसने टोल कर्मियों को संभावित खतरे की सूचना भी दी, लेकिन कर्मियों ने कथित तौर पर उसे पहले पर्ची कटवाने के लिए रोका। इसी दौरान कार में तेज़ धमाके के साथ आग भड़क गई और चंद मिनटों में आग ने आसपास के तीन टोल बूथों को अपनी चपेट में ले लिया।
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इस बड़े हादसे ने टोल प्रबंधन की बुनियादी लापरवाही और सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी। आग लगने के तुरंत बाद स्थानीय लोग और टोल कर्मचारी पानी और रेत से आग बुझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन टोल प्लाजा पर न तो कोई फायर एक्सटिंग्विशर, न रेत का इंतजाम, और न ही आपातकालीन जल स्रोत मौजूद था। आग इतनी तेज़ थी कि उसे काबू में करने के लिए फायर ब्रिगेड को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। जब तक दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचतीं, तब तक कार और तीनों टोल बूथ पूरी तरह जल चुके थे।
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हादसे में कार पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई। साथ ही टोल प्लाजा की तीन टोल लेनें भी अब पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हैं, जिनका पुनर्निर्माण लाखों रुपये का खर्च मांग सकता है। प्रशासन ने घटना की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि इतनी महत्वपूर्ण सार्वजनिक जगह पर आपातकालीन तैयारियों में इतनी लापरवाही कैसे बरती गई। टोल कंपनी से भी जवाब तलब किया जाएगा कि फायर सेफ्टी नियमों का पालन क्यों नहीं किया गया।
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इस हादसे के बाद स्थानीय निवासियों और राहगीरों में गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते ड्राइवर की चेतावनी को गंभीरता से लिया गया होता, तो इतनी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सकता था। वहीं अगर वहां फायर एक्सटिंग्विशर होता तो कम से कम आग पर शुरूआती काबू पाया जा सकता था।