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February 1, 2026

हरिपुरधार हाद.से में बड़ा खुलासा : ओवरलोड बस के टूटे थे पुर्जे, ड्राइवर का लाइसेंस भी था एक्सपायर

15 साल से अधिक पुरानी थी बस- खाई में तीन बार पलटी

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सिरमौर। हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर में 9 जनवरी को हुए दर्दनाक निजी बस हादसे के कारणों की जांच पूरी कर ली गई है। जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि हरिपुरधार में पेश आया हादसा एक नहीं बल्कि कई गंभीर लापरवाहियों का नतीजा था।

हरिपुरधार हादसे में बड़ा खुलासा 

ओवरलोडिंग, वाहन के महत्वपूर्ण यांत्रिक पुर्जों की खराब स्थिति और मानवीय चूक- इन सभी कारणों ने मिलकर इस भीषण दुर्घटना को जन्म दिया। संगड़ाह के SDM सुनील कायथ की अध्यक्षता में गठित जांच समिति ने हादसे से जुड़े हर पहलू की गहन पड़ताल के बाद अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी है।

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ओवरलोड बस के टूटे थे पुर्जे,

रिपोर्ट में सामने आया है कि दुर्घटनाग्रस्त निजी बस अपनी निर्धारित क्षमता से कहीं अधिक यात्रियों को लेकर चल रही थी। इसके अलावा बस के अहम यांत्रिक हिस्से टूटे हुए थे, जो हादसे की बड़ी वजह बने।

ओवरलोड़िंग से पड़ा दबाव

जांच में यह भी सामने आया है कि बस का जे-क्रॉस (यूनिवर्सल ज्वाइंट क्रॉस) टूटा हुआ था। यह पुर्जा इंजन से निकलने वाली ड्राइव को शाफ्ट के माध्यम से टायरों तक पहुंचाता है और वाहन की दिशा नियंत्रण में अहम भूमिका निभाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक ओवरलोडिंग के चलते इस पुर्जे पर अतिरिक्त दबाव पड़ा, जिससे वह टूट गया और चालक का वाहन पर नियंत्रण समाप्त हो गया।

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खाई में तीन बार पलटी बस

जांच टीम को घटनास्थल पर बस के फिसलने (स्किड होने) के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार, हादसे के समय सड़क पर मौजूद गड्ढे से बचने के लिए चालक ने बस को दाईं ओर मोड़ा। इसी दौरान संतुलन बिगड़ गया और बस सामने की ओर ढांक से नीचे जा गिरी। गिरने के बाद बस करीब तीन बार पलटी, जिससे यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

15 साल से अधिक पुरानी थी बस

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि दुर्घटनाग्रस्त बस 15 वर्ष से अधिक पुरानी थी। हालांकि, उसके पास फिटनेस प्रमाणपत्र मौजूद था, लेकिन इसके बावजूद वाहन की वास्तविक स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। इससे फिटनेस जांच प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

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ड्राइवर का लाइसेंस भी था एक्सपायर

सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि हादसे के समय बस चालक और परिचालक- दोनों के ड्राइविंग और कंडक्टर लाइसेंस एक्सपायर हो चुके थे। जांच समिति ने इसे गंभीर मानवीय लापरवाही करार दिया है। नियमों की इस खुली अनदेखी ने न केवल यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डाला, बल्कि अंततः एक बड़े हादसे का रूप ले लिया।

 

इस जांच में SDM के अलावा सहायक अभियंता (मैकेनिकल), संगड़ाह थाना के SHO और HRTC के 30 वर्ष से अधिक अनुभव रखने वाले वरिष्ठ मैकेनिकों की सेवाएं ली गईं, ताकि तकनीकी पहलुओं की निष्पक्ष और विशेषज्ञ स्तर पर जांच की जा सके।

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14 की मौत,  61 लोग घायल

गौरतलब है कि 9 जनवरी को हरिपुरधार में एक निजी बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस भीषण हादसे में मासूम बच्चों सहित 14 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि 61 यात्री घायल हुए थे। हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था। घटना के अगले ही दिन उपायुक्त सिरमौर ने हादसे के कारणों की जांच के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में जांच टीम गठित की थी।

 

जिला प्रशासन ने पुष्टि की है कि जांच रिपोर्ट को आगामी कार्रवाई के लिए प्रदेश सरकार को भेज दिया गया है। DC सिरमौर प्रियंका वर्मा ने बताया कि रिपोर्ट में हादसे का कारण यांत्रिक और मानवीय त्रुटि सामने आया है और सरकार स्तर पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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