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February 1, 2026

हिमाचल में सुबह-सवेरे गिरी आसमानी बिजली : 55 बेजुबानों की मौ.त, तेज आवाज से दहला पूरा इलाका

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, रोजी-रोटी पर संकट

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सोलन। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में तड़के आसमानी बिजली गिरने से एक बड़ा हादसा सामने आया है। सोलन-सपाटू मार्ग पर देवठी के समीप सुबह करीब पौने चार बजे अचानक हुई इस प्राकृतिक आपदा ने भेड़ पालकों की मेहनत और आजीविका पर गहरी चोट पहुंचाई।

सुबह-सवेरे गिरी आसमानी बिजली गिरी

बिजली गिरने की इस घटना में 55 से अधिक भेड़-बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य पशु गंभीर रूप से झुलस गए और घायल अवस्था में पड़े हैं। इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

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अचानक बदल गया मौसम

जानकारी के अनुसार, किन्नौर जिले के भाबा क्षेत्र से आए भेड़ पालक अपने पशुधन के साथ इस क्षेत्र में अस्थायी रूप से ठहरे हुए थे। रात के समय मौसम अचानक बदल गया और तड़के हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई।

बिजली गिरने से दहला इलाका

बारिश से बचाव के लिए भेड़ पालक जब अपने पशुओं के लिए टेंट लगाने की तैयारी कर रहे थे, तभी अचानक तेज गर्जना के साथ आसमान से बिजली गिरी। कुछ ही पलों में पूरा इलाका दहल उठा और पशुओं के बीच अफरा-तफरी मच गई।

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55 भेड़-बकरियों की मौके पर मौत

इस दर्दनाक हादसे में किन्नौर जिले के भाबा निवासी विशाल नेगी, विनय सिंह, कृष्ण भगत और विनोद कुमार चौरा की भेड़-बकरियों को भारी नुकसान पहुंचा है। बताया जा रहा है कि इन चारों भेड़ पालकों के पास कुल मिलाकर लगभग 650 भेड़-बकरियां थीं, जिनमें से 55 से अधिक की मौके पर ही मौत हो गई।

तेज आवाज से सदमे में आए

कई पशु गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका उपचार न होने पर नुकसान और बढ़ सकता है। घटना के समय मौके पर मौजूद भेड़ पालक बुद्धि सिंह, कुलदीप नेगी और विनोद नेगी ने बताया कि बिजली गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि कुछ पल के लिए वे सदमे में आ गए।

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परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

उन्हें लगा कि शायद उनकी जान भी नहीं बचेगी, लेकिन सौभाग्य से सभी भेड़ पालक सुरक्षित बच गए। हालांकि, वर्षों की मेहनत से पाले गए पशुओं की मौत ने उन्हें मानसिक और आर्थिक रूप से झकझोर कर रख दिया है।

 

जंगल में पड़ी भेड़ ब​करियां - Dainik Bhaskar

रोजी-रोटी पर संकट

भेड़ पालकों का कहना है कि भेड़-बकरियां ही उनकी आजीविका का एकमात्र साधन हैं। अचानक हुए इस नुकसान से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। पीड़ितों ने प्रशासन और प्रदेश सरकार से मांग की है कि घटना का जल्द से जल्द आकलन कर उन्हें उचित मुआवजा प्रदान किया जाए, ताकि वे इस नुकसान से उबर सकें।

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सतर्क रहने की अपील

घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर प्रशासन को अवगत कराया गया है। पशुपालन विभाग और राजस्व विभाग की टीम द्वारा नुकसान का आंकलन किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं, क्षेत्र में खराब मौसम को देखते हुए भेड़ पालकों से सतर्क रहने की अपील भी की गई है।

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