#हादसा
April 1, 2026
सुबह-सवेरे गहरी खाई में गिरी HRTC बस, उड़े परखच्चे- ब्रेक अटकने से लुढ़की, सवारियां...
खटारा बसों में मजबूरन सफर कर रहे लोग
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मंडी। हिमाचल प्रदेश में HRTC बसों की जर्जर हालत एक बार फिर सवालों के घेरे में है। आए दिन सामने आ रहे हादसे इस बात की गवाही दे रहे हैं कि लोग अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं।
कई बसें तकनीकी खामियों के बावजूद सड़कों पर दौड़ रही हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बुधवार सुबह मंडी जिले में ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहां एक HRTC बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
जानकारी के अनुसार, HRTC के जोगेंद्रनगर डिपो की जोगेंद्रनगर-कुन्नू-कुफरी वाया बटाहर रूट पर चलने वाली बस सुबह करीब 6:20 बजे बटाहर गांव के पास खड़ी थी। चालक बस को स्टार्ट करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन बस स्टार्ट नहीं हो रही थी।

इसी दौरान अचानक बस के ब्रेक अटक गए और बस अनियंत्रित होकर सड़क से लगभग 200 मीटर नीचे गहरी खाई में जा गिरी। इस भयानक हादसे में बस के परखच्चे उड़ गए हैं। बस के चालक ने कूद कर अपनी जान बचाई।
सबसे राहत की बात यह रही कि हादसे के समय बस में कोई भी यात्री सवार नहीं था। परिचालक भी बस के बाहर ही मौजूद था। अगर बस में यात्री होते, तो यह हादसा गंभीर रूप ले सकता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस रूट पर सुबह के समय बस में अक्सर यात्री रहते हैं, लेकिन संयोग से उस समय बस खाली थी, जिससे जनहानि नहीं हुई।
घटना के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभाग को हादसे की सूचना दी। बस के खाई में गिरने के बाद इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
हादसे के कारणों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। प्रारंभिक तौर पर ब्रेक फेल होने की बात सामने आई है। मगर क्या बस पहले से ही तकनीकी रूप से खराब थी या रखरखाव में लापरवाही बरती गई- इसकी जांच की जा रही है। पधर पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। वहीं, HRTC के अधिकारी भी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। बस की तकनीकी जांच के साथ-साथ यह भी देखा जाएगा कि क्या नियमित मेंटेनेंस में कोई चूक हुई थी।

इस घटना के बाद एक बार फिर HRTC बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रदेश में कई बसें अपनी निर्धारित उम्र पूरी कर चुकी हैं, फिर भी सड़कों पर दौड़ रही हैं। यात्रियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार और निगम को इस ओर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। अगर किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है।