#हादसा
February 4, 2026
HRTC बस हाद.सा : मलबे में इंसानियत शर्मसार, घायलों को छोड़- 3 लाख के पीछे पड़ी सवारियां
नोटों से भरा बैग देख डोला कई लोगों का ईमान
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शिमला। उत्तराखंड के क्वानू क्षेत्र में मंगलवार को हुए भीषण HRTC बस हादसे ने जहां कई परिवारों को गहरे जख्म दिए, वहीं इस घटना ने समाज के सामने इंसानियत की दो बिल्कुल अलग तस्वीरें भी रख दीं। एक ओर गहरी खाई में गिरी बस से जिंदगियां बचाने की जद्दोजहद चल रही थी, तो दूसरी ओर घटनास्थल पर पैसों से भरे एक बैग को लेकर कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त बस के पास एक काले रंग का कपड़े का बैग पड़ा मिला, जिसमें लाखों रुपये होने की चर्चा फैलते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि बैग में करीब तीन लाख रुपये से अधिक की नकदी थी। इसी दौरान कुछ लोग बैग को अपना या अपने किसी परिचित का बताकर उस पर दावा करने लगे, जिससे घटनास्थल पर विवाद और खींचतान की स्थिति बन गई।
हादसे की भयावहता और घायलों की चीख-पुकार के बीच पैसों को लेकर पैदा हुआ यह दृश्य वहां मौजूद कई लोगों को असहज कर गया। स्थानीय नागरिकों और प्रत्यक्षदर्शियों ने इस व्यवहार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे दुखद समय में संवेदना और सहयोग सबसे ऊपर होना चाहिए, न कि निजी स्वार्थ।
हालांकि, इसी भीड़ में कुछ स्थानीय लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए हस्तक्षेप किया और विवाद को बढ़ने से रोका। उन्होंने पैसों से भरे बैग को सुरक्षित तरीके से मौके पर पहुंची पुलिस को सौंप दिया।
स्थानीय लोगों की मांग थी कि यात्रियों की सही पहचान और पूरी जांच के बाद ही यह बैग उसके असली मालिक तक पहुंचे। पुलिस ने तत्काल बैग को अपने कब्जे में लिया और इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई। बैग से जुड़े हर पहलू की जांच शुरू की गई, ताकि किसी तरह की गलतफहमी या विवाद की गुंजाइश न रहे।
मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार राजेन्द्र लाल ने बस में सवार यात्रियों और उनके परिजनों से पूछताछ की। सभी तथ्यों से संतुष्ट होने के बाद ही पैसों से भरा बैग एक घायल यात्री के परिजनों को सौंपा गया। नायब तहसीलदार ने सबूत के तौर पर बैग सौंपते समय तस्वीर भी ली।
थाना प्रभारी कालसी दीपक धारीवाल ने बताया कि दुर्घटना में घायल एक यात्री से फोन पर संपर्क किया गया था। उनकी पहचान और दस्तावेजों की पुष्टि के बाद एसडीएम चकराता की मौजूदगी में घायल यात्री की बेटी को बैग सौंप दिया गया।
नायब तहसीलदार की रिपोर्ट के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त HRTC बस से मिला नोटों से भरा बैग घायल यात्री अब्दुल कयूम का था। 36 वर्षीय अब्दुल कयूम हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के नेरवा क्षेत्र में क्रॉकरी की दुकान चलाते हैं। हादसे के बाद उन्हें विकासनगर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस द्वारा बस की तलाशी के दौरान काले रंग के इस बैग से करीब 3 लाख 20 हजार रुपये नकद, अब्दुल कयूम का पैन कार्ड और फोटो पहचान पत्र बरामद हुआ। हादसे की सूचना मिलते ही उनके परिजन भी मौके पर पहुंच गए थे। ID की शिनाख्त और फोन पर बातचीत के बाद सभी औपचारिकताएं पूरी की गईं और फिर बैग परिजनों को सौंपा गया। अब्दुल कयूम मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के निवासी हैं।

हादसे के बीच इंसानियत की सबसे मजबूत तस्वीर उस समय सामने आई, जब स्थानीय ग्रामीण बिना किसी देरी के गहरी खाई में उतर गए। पुलिस और एसडीआरएफ के पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों ने अपने स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया।
ग्रामीण बस की टूटी खिड़कियों और क्षतिग्रस्त ढांचे के बीच से घायलों को बाहर निकालते रहे और उन्हें कंधों पर उठाकर सड़क तक पहुंचाया। घटनास्थल पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी के बीच इन ग्रामीणों ने साहस और मानवता की मिसाल पेश की।

सूचना मिलते ही उत्तराखंड और सिरमौर प्रशासन हरकत में आया और संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्य तेज किया गया। घायलों को निजी वाहनों और एंबुलेंस की मदद से विकासनगर अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि गंभीर रूप से घायलों को देहरादून के अस्पतालों में रेफर किया गया।
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कुल मिलाकर, यह हादसा समाज के सामने दो स्पष्ट तस्वीरें छोड़ गया। एक तस्वीर वह, जहां पैसों से भरे बैग को लेकर कुछ देर के लिए इंसानियत डगमगाती नजर आई। दूसरी तस्वीर वह, जहां ग्रामीणों ने जान की परवाह किए बिना खाई में उतरकर अनजान लोगों की जिंदगियां बचाईं।
एक ओर तीन लाख रुपये के बैग को लेकर खींचतान ने समाज को आईना दिखाया, तो दूसरी ओर उन्हीं हालातों में देवदूत बने ग्रामीणों ने यह साबित कर दिया कि कठिन समय में आज भी मानवता पूरी मजबूती से खड़ी होती है।
गौरतलब है कि मंगलवार को उत्तराखंड के क्वानू क्षेत्र में HRTC की एक बस सड़क हादसे का शिकार होकर करीब 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरी थी। हादसे में बस चालक समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई यात्री घायल हुए। बस में उस समय करीब 32 लोग सवार थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक ट्रक को पास देते समय बस सड़क की निचली ओर बनी सुरक्षा दीवार पर चढ़ गई। बस का भार पड़ते ही दीवार ढह गई और बस असंतुलित होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल बन गया।