#हादसा
January 29, 2026
हिमाचल के होटल में जोरदार धमाका: छत उड़ी, दरवाजे- खिड़कियां टूटी; एक युवक अंदर फंसा
गैस सिलेंडर फटा, खिड़कियों के शीशे टूटे
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में सिलेंडर विस्फोट की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। 15 जनवरी को राज्य के दो जिलों में हुए दर्दनाक सिलेंडर धमाकों में कई लोगों की जान चली गई । उस भयावह हादसे को अभी एक महीना भी नहीं बीता था कि जिला शिमला से एक और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आ गई। यहां ब्यूटेन सिलेंडर से गैस लीक होने के बाद अचानक जोरदार धमाका हो गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला जिला शिमला के ओल्ड बस स्टैंड के समीप गुरुद्वारा साहिब के पास स्थित एक बेड एंड ब्रेकफास्ट होटल का है। यहां बीते बुधवार को होटल के एक कमरे से अचानक जोरदार धमाके की आवाज आई, जिससे वहां मौजूद लोग डर गए। बाद में पता चला कि कमरे में रखा ब्यूटेन गैस का छोटा सिलेंडर लीक हो गया था, जिस कारण यह हादसा हुआ।
बताया जा रहा है कि सिलेंडर से धीरे-धीरे गैस निकलती रही और पूरा कमरा गैस से भर गया। जैसे ही किसी वजह से चिंगारी लगी, जोरदार धमाका हो गया। धमाके से कमरे की छत (सीलिंग) को नुकसान पहुंचा और खिड़कियों के शीशे टूटकर बिखर गए।
टूटे हुए कांच के टुकड़े लगने से एक युवक को हल्की चोटें आई हैं, हालांकि राहत की बात यह रही कि कोई बड़ा नुकसान या जानमाल की हानि नहीं हुई। धमाके की आवाज सुनते ही होटल में ठहरे अन्य लोग घबरा गए और जान बचाने के लिए बाहर की ओर भाग निकले।
कुछ समय के लिए पूरे इलाके में डर का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और होटल के कमरे सहित आसपास के इलाके का जायजा लिया। पुलिस की शुरुआती जांच में साफ हुआ कि यह कोई बम या विस्फोटक पदार्थ का मामला नहीं है।
यह हादसा ब्यूटेन गैस के कैंपिंग सिलेंडर में लिकेज होने की वजह से हुआ। पुलिस का कहना है कि गैस रिसाव के कारण कमरे में गैस भर गई थी और चिंगारी लगते ही धमाका हो गया। एहतियात के तौर पर पुलिस और प्रशासन ने होटल को कुछ समय के लिए खाली करवा दिया, ताकि किसी तरह का खतरा न रहे।
होटल प्रबंधन को सख्त हिदायत दी गई है कि वह सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन करे और गैस सिलेंडरों के इस्तेमाल में खास सावधानी बरते। पुलिस ने साफ किया है कि अभी तक किसी तरह की आपराधिक साजिश या बड़ी लापरवाही सामने नहीं आई है और इसे एक दुर्घटना माना जा रहा है। फिर भी, मामले की जांच जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि गैस सिलेंडर का इस्तेमाल सही तरीके से किया जा रहा था या नहीं, और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।