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March 30, 2026

हिमाचल की सड़कों ने बुझाए कई घरों के चिराग...तीन साल के आंकड़े देख कांप जाएगी रूह

प्रदेश में पिछले तीन सालों में हुए सड़क हादसे

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Road Incidents

शिमला। हिमाचल प्रदेश की दुर्गम और संकरी सड़कों पर बढ़ते सड़क हादसे अब गंभीर चिंता का विषय बन चुके हैं। आए दिन हो रहे हादसे कई परिवारों की खुशियां उजाड़ रहे हैं। खराब सड़क हालात, तेज रफ्तारी और ड्राइवरों की लापरवाही इन दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बनकर सामने आ रही है, जिससे प्रदेश में लगातार जान-माल का नुकसान हो रहा है।

प्रदेश में पिछले तीन सालों में हुए सड़क हादसे

बता दें कि पिछले तीन सालों में करीब 6515 हादसे हो चुकें है,  और दुख की बात ये है कि इन हादसों में 2643 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। इसके अलावा करीब 9999 लोग घायल भी हुए हैं। यानी साफ है कि सड़क हादसे प्रदेश में एक बड़ी समस्या बन चुके हैं।

 

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2023 के आंकड़े

अगर साल दर साल देखें तो 2023 में प्रदेश में 2253 सड़क हादसे हुए थे। इस साल सबसे ज्यादा हादसे शिमला (300), कांगड़ा (294) और मंडी (284) जैसे बड़े जिलों में दर्ज किए गए। इसके अलावा सिरमौर में 207, सोलन में 180, ऊना में 179 और बिलासपुर में 155 हादसे हुए। दूसरी तरफ चंबा में 94, हमीरपुर में 93, लाहुल-स्पीति (18) और किन्नौर (50) जैसे पहाड़ी और कम आबादी वाले जिलों में हादसों की संख्या काफी कम रही। पुलिस जिलों की बात करें तो बद्दी में 168 और नूरपुर में 87 हादसे दर्ज किए गए।

2024 में हादसों की संख्या हुई थोड़ी कम 

फिर 2024 में हादसों की संख्या थोड़ी कम होकर 2156 हो गई। इस साल भी शिमला (320) और मंडी (269) में सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं हुईं। कांगड़ा में 171, कुल्लू में 162 और ऊना में 220 हादसे दर्ज किए गए। बाकी जिलों में भी आंकड़े लगभग इसी स्तर पर रहे। पुलिस जिला बद्दी में 142, देहरा में 54 और नूरपुर में 81 हादसे सामने आए।

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सामने आए 2025 के आंकड़े 

इसके बाद 2025 में हादसों में थोड़ी और कमी आई और कुल 1929 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इस साल मंडी (250), सिरमौर (लगभग 182 के आसपास) और ऊना (186) में ज्यादा हादसे हुए। कांगड़ा (154), कुल्लू (156) और बिलासपुर (126) में भी काफी केस सामने आए। वहीं चंबा, हमीरपुर और किन्नौर जैसे जिलों में संख्या अपेक्षाकृत कम रही। पुलिस जिला बद्दी में 128, देहरा में 55 और नूरपुर में 78 हादसे दर्ज किए गए।

2026 में हुए सड़क हादसे 

अगर 2026 की बात करें, तो सिर्फ 31 जनवरी तक ही 177 सड़क हादसे दर्ज हो चुके हैं। इनमें मंडी (22), शिमला (20), सिरमौर (24), कांगड़ा (18) और ऊना (18) जैसे जिलों में ज्यादा मामले सामने आए हैं। वहीं बिलासपुर (15), कुल्लू (12) और सोलन (12) में भी कई हादसे हुए हैं। किन्नौर, लाहुल-स्पीति और हमीरपुर जैसे जिलों में कम मामले दर्ज हुए। पुलिस जिला बद्दी में 13, देहरा में 3 और नूरपुर में 2 हादसे सामने आए हैं।  

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बीते सालों से कम है सड़क हादसों की संख्या  

इन आंकड़ों से एक बात साफ नजर आती है कि भले ही पिछले तीन सालों में सड़क हादसों की संख्या में थोड़ी कमी आई है, लेकिन यह कमी बहुत ज्यादा नहीं है और स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। खासकर बड़े और व्यस्त जिलों में हादसे ज्यादा हो रहे हैं, जहां ट्रैफिक का दबाव भी ज्यादा रहता है।

सरकार का हादसों को रोकने के लिए विशेष कदन

सरकार ने इन हादसों को कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं। प्रदेश में 108 इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाए गए हैं, जिनकी मदद से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नजर रखी जा रही है। तेज रफ्तार, नशे में गाड़ी चलाना, मोबाइल का इस्तेमाल करते हुए ड्राइविंग करना और लापरवाही से वाहन चलाने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।

 

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ब्लैक स्पॉट होंगे घटनास्थल 

इसके अलावा, जिन जगहों पर बार-बार हादसे होते हैं, उन्हें “ब्लैक स्पॉट” के रूप में चिन्हित किया जा रहा है। इन स्थानों की पहचान वैज्ञानिक तरीके से की जा रही है, जिसमें रियल-टाइम डाटा का इस्तेमाल होता है। फिर वहां सड़क सुधार, साइन बोर्ड, स्पीड कंट्रोल और अन्य सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं, ताकि हादसों को कम किया जा सके।

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