#हादसा
September 30, 2025
मंत्री विक्रमादित्य के PWD की लापरवाही ने परिवार से छीन लिया सहारा, खाई में गिरा शख्स
एक ही जगह पर तीन लोगों ने गंवाई जान, फिर भी नहीं जागा विभाग
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कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर रिपोर्ट हुई है। इस हादसे ने ना सिर्फ परिवार का सहारा छीन लिया, बल्कि सरकार और मंत्री विक्रमादित्य सिंह के लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर भी कई गंभीर सवाल उठा दिए हैं। इस हादसे में एक 31 वर्षीय व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार सहित पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। यह हादसा कुल्लू जिला में हुआ है।
दरअसल कुल्लू जिला के बड़ाग्रां-पनंगा सड़क पर मंगलवार रात हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया। 31 वर्षीय कृष्ण नेगी की 200 मीटर गहरी ढांक से गिरकर मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब वह अपने घर के पास सड़क किनारे गाड़ी पार्क कर रहे थे।
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जानकारी के मुताबिक कृष्ण नेगी सब्जी मंडी पतलीकुहल से अपने घर बड़ाग्रां लौटे थे। गाड़ी पार्क करने और खिड़की बंद करने के दौरान तंग जगह के कारण उनका संतुलन बिगड़ गया और वह गहरी ढांक में जा गिरे। गंभीर हालत में उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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इस हादसे ने नेगी परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। परिजनों का रो.रोकर बुरा हाल है। पंचायत के पूर्व प्रधान और कांग्रेस नेता देवेंद्र नेगी ने गहरे दुख व्यक्त करते हुए कहा कि कृष्ण उनके चचेरे भाई थे। उन्होंने पीड़ा भरे स्वर में कहा कि अगर यहां क्रैश बैरियर लगा होता तो आज कृष्ण उनके बीच होते।
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स्थानीय लोगों ने विभागीय लापरवाही पर नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि इस खतरनाक ढांक पर बैरियर लगाने की मांग वे पांच वर्षों से लगातार कर रहे हैं, लेकिन पीडब्ल्यूडी ने कभी गंभीरता से कदम नहीं उठाया। दुख की बात है कि इस जगह पर यह तीसरी मौत है। इससे पहले भी एक कार गिरने से व्यक्ति की मौत हुई थी और एक महिला ने भी यहां अपनी जान गंवाई थी। ग्रामीणों ने कहा कि कितनी और जानें जाने के बाद विभाग नींद से जागेगा? क्या हर परिवार को ऐसे ही अपनों को खोना होगा?
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इस हादसे ने एक बार फिर व्यवस्था की लापरवाही को उजागर कर दिया है। अब देखना होगा कि प्रशासन और विभाग पीड़ित परिवार की वेदना को समझते हुए कब तक इस खतरनाक स्थान पर सुरक्षा इंतजाम करता है।