#हादसा

March 1, 2025

हिमाचल: भूस्खलन की चपेट आया था 21 वर्षीय युवक, 24 घंटे के बाद मिली देह

शिवा पनबिजली प्रोजेक्ट में थी तैनाती, डैम का गेट बंद करते समय हुआ हादसा 

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Surjit chamunda kangra Landslide

कांगड़ा। कांगड़ा जिले के पालमपुर में गुरुवार रात की भारी बारिश के बीच अचानक पहाड़ दरक गया। इससे जिया गांव में शिवा पनबिजली प्रोजेक्ट का डैम खतरे में पड़ गया। मौके पर तैनात राजीव और सुरजीत दोनों डैम का गेट बंद कर बचने के लिए भागे। राजीव तो बच गए, लेकिन सुरजीत जिंदगी की जंग हार गए। दो दिन बाद शनिवार को उनकी देह लैंडस्लाइड के मलबे में दबी मिली।

 

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पुलिस और लोगों ने सुरजीत की तलाश में रात-दिन एक कर दिया। लेकिन लगातार खराब मौसम और भारी बारिश से बचाव के काम में बाधा आती रही। शनिवार को मौसम खुलने के बाद 21 वर्षीय सुरजीत का शव प्रोजेक्ट के मुहाने से करीब 150 फीट दूर खड्ड में मिला है। जिसे प्रशासन ने परिजनों को सौंप दिया है। सुरजीत के परिवार में पिता महाजन राम और बड़ा भाई अनूप ही बचे हैं। उनकी मां का निधन चार साल पहले हो चुका है।

 

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डैम का गेट बंद करते समय हुआ हादसा

घटना के वक्त परियोजना में सुरजीत और राजीव तैनात थे। जब वे डैम का गेट बंद करने गए, तभी भूस्खलन हुआ। इस दौरान वे दोनों अलग-अलग दिशाओं में दौड़े राजीव किसी तरह बच निकले, लेकिन सुरजीत मलबे की चपेट में आ गए। उसकी तलाश के लिए अभियान भी चलाया गया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार शनिवार को मलबे में दबा उसका शव मिला।

 

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परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

सुरजीत गांव बड़सर का रहने वाला था। उसकी आकस्मिक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बता दें कि अजीत की माता का 4 साल पहले निधन हो चुका है। अब घर में केवल पिता महाजन राम और भाई अनूप ही रह गए हैं। जिला प्रशासन की ओर से 25 हजार रुपए की फौरी राहत दी गई है।

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