#हादसा
July 22, 2026
हिमाचल : भारी बारिश के बीच गिरी आसमानी बिजली, मौके पर 3 ने तोड़ा दम- मचा हाहाकार
प्रशासन और विभागों की टीम मौके पर पहुंची
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चंबा। हिमाचल प्रदेश में मौसम लगातार अपना रौद्र रूप दिखा रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में कहीं बादल फटने से तबाही मच रही है तो कहीं भूस्खलन लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। इसी बीच अब चंबा जिले से एक और दुखद मामला सामने आया है। यहां खराब मौसम के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से किसान की तीन खच्चरों की मौत हो गई। इस हादसे में किसान को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
जानकारी के अनुसार, घटना के समय किसान खेमराज की तीनों खच्चर गांव के पास खुले स्थान पर घास चर रही थीं। इसी दौरान मौसम अचानक खराब हो गया और आसमान में तेज गर्जना होने लगी। देखते ही देखते अचानक आकाशीय बिजली गिरी और इसकी चपेट में आने से तीनों खच्चरों की मौके पर ही मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि बिजली गिरने के दौरान तेज धमाके जैसी आवाज हुई। इसके बाद जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो तीनों खच्चर मृत अवस्था में पड़ी थीं। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने तुरंत पंचायत प्रतिनिधियों और प्रशासन को इसकी सूचना दी। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।
घटना की सूचना मिलने के बाद ग्राम पंचायत सलूणी के प्रधान और वार्ड सदस्य मौके पर पहुंचे। इसके साथ ही पुलिस, पशुपालन विभाग और राजस्व विभाग की टीम ने भी घटनास्थल का दौरा किया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पूरी स्थिति का जायजा लिया और किसान को हुए नुकसान की जानकारी जुटाई।
प्रशासनिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद पंचनामा तैयार किया। संबंधित विभागों की ओर से तीनों खच्चरों की मौत से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। अधिकारियों ने कहा है कि नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर इसे नियमानुसार आगे भेजा जाएगा।
स्थानीय लोगों ने बताया कि किसान खेमराज के लिए ये खच्चर सिर्फ पशु नहीं थीं, बल्कि उसकी रोजी-रोटी का मुख्य साधन थीं। किसान इन्हीं के सहारे अपना परिवार चलाता था। ऐसे में एक साथ तीन खच्चरों की मौत होने से उसे आर्थिक रूप से बड़ा झटका लगा है। लाखों रुपये के नुकसान के कारण किसान और उसके परिवार के सामने अब आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
स्थानीय लोगों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि किसान खेमराज को हुए नुकसान का जल्द आकलन कर उचित मुआवजा दिया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि किसान की आजीविका का मुख्य साधन खत्म हो गया है, इसलिए उसे सरकारी सहायता जल्द मिलनी चाहिए, ताकि वह अपने परिवार का पालन-पोषण कर सके।
प्रशासन की ओर से कहा गया है कि संबंधित विभागों की टीम ने मौके का निरीक्षण कर लिया है। नुकसान का नियमानुसार आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद सरकार की ओर से नियमों के तहत पीड़ित किसान को मिलने वाली सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी।