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August 19, 2025

हिमाचल: नाले में औंधे मुंह पड़ी मिली महिला, थम गई थी सांसें; एक दिन पहले घर से निकली थी

परिजन और ग्रामीण रात भर करते रहे तलाश, अगले दिन नाले में औंधे मुंह पड़ी मिली देह

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Woman found drain

ज्वालामुखी (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के अंतर्गत खुंडियां तहसील की ग्राम पंचायत अलुहा में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां एक 55 वर्षीय महिला की घास लाते समय नाले में गिरने से मौत हो गई। यह घटना न केवल एक परिवार को शोक में डुबो गई, बल्कि प्रदेश में लगातार हो रहे ऐसे हादसों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर गई है।

पशुओं के लिए घास लेने गई थी महिला

प्राप्त जानकारी के अनुसार कुशला देवी पत्नी अजीत कुमार निवासी गांव अलुहा आघार डाकघर टिहरी तहसील खुंडियां सोमवार को अपने घर से दराट लेकर पशुओं के लिए घास लेने के लिए निकली थीं। लेकिन वह देर शाम तक भी वापस घर नहीं लौटी। घर ना लौटने पर परिजन और ग्रामीण उसकी तलाश में निकले। लेकिन महिला का कोई सुराग नहीं लगा।

 

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नाले में औंधे मुंह गिरी मिली

आज यानी मंगलवार सुबह एक बार फिर ग्रामीण और परिजन महिला की तलाश में निकले। जिसके बाद कुशला देवी का शव गांव के पास एक नाले में औंधे मुंह गिरा हुआ पाया गया। मौके पर ही उनकी मृत्यु हो चुकी थी। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। थाना प्रभारी खुंडियां पुनम के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई की। परिजनों व ग्रामीणों के बयान दर्ज किए गए हैं। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए देहरा सिविल अस्पताल भेज दिया गया है और पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है।

 

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ग्रामीण महिलाओं की जोखिम भरी दिनचर्या

कुशला देवी की इस दुखद मौत ने एक बार फिर इस ओर ध्यान आकर्षित किया है कि हिमाचल प्रदेश के दूर.दराज इलाकों में महिलाएं आज भी जान जोखिम में डालकर पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करती हैं। दुर्गम रास्तों, पथरीले इलाकों और घने जंगलों से होकर गुजरना इनकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। बारिश के मौसम में यह खतरा और भी बढ़ जाता है।

 

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हर साल ऐसे हादसों में कई ग्रामीणों की जान चली जाती है, लेकिन इन दुर्घटनाओं को लेकर न तो पर्याप्त सुरक्षा उपाय किए जाते हैं और न ही कोई विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाता है। नालों, खड्डों और झाड़ियों में फिसलने, गिरने या जंगली जानवरों से टकरा जाने जैसी घटनाएं अब आम होती जा रही हैं।

 

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इस घटना से शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए यह अपेक्षा की जा सकती है कि सरकार ऐसे परिवारों की सहायता के लिए राहत राशि व अन्य जरूरी मदद मुहैया कराएगी, और साथ ही हिमाचल में ग्रामीण जीवन को सुरक्षित बनाने की दिशा में भी ठोस योजना बनाएगी।

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