#हादसा
August 30, 2025
हिमाचल में कुदरत का कहर: नदी में समाया दो मंजिला भवन, सामान भी नहीं निकाल पाए
जवानों ने समय रहते बचाई जान, पर आंखों के सामने बह गया सबकुछ
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चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के सलूणी और चुराह उपमंडल में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। तेज बारिश के चलते भूस्खलन और नदी-नालों में उफान का सिलसिला जारी है, जिससे क्षेत्र में तबाही के दृश्य सामने आ रहे हैं। इसी बीच चंबा की सियूल बीयर साइट से एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां एक बहुमंजिला भवन महज कुछ ही मिनटों में सियूल नदी की तेज धार में समा गया।
इस भवन में सीआईएफ के सात जवान तैनात थे, जो वहां अस्थायी रूप से रह रहे थे। गनीमत यह रही कि बारिश के बढ़ते खतरे को समय रहते भांपकर सभी जवानों ने भवन खाली कर दिया और सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए। हालांकि, उन्हें इतनी जल्दी निकलना पड़ा कि अपना सामान तक नहीं समेट पाए। जवानों ने शुरुआत में भवन से जरूरी सामान निकालने की कोशिश की, पर नदी की लहरों का रौद्र रूप देखकर उन्हें भी पीछे हटना पड़ा।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भवन से जुड़ा डंगा सबसे पहले पानी में समा गया और उसके कुछ ही मिनटों बाद दो मंजिला पूरा भवन नदी में गिर गया। तेज बहाव ने पूरे ढांचे को खिलौने की तरह अपने साथ बहा लिया। यह भयावह मंजर एक स्थानीय व्यक्ति ने अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
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स्थानीय प्रशासन ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि किसी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन भवन और उसमें रखा सारा सामान पूरी तरह तबाह हो गया है। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की तलाश में हैं। चंबा जिले में पिछले कुछ दिनों से जारी भारी बारिश ने कई क्षेत्रों में कहर मचाया है। चुराह और सलूणी जैसे ऊपरी इलाकों में कई मकानों को नुकसान पहुंचा है और ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें व पुल भी खतरे की जद में हैं।
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प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों के किनारे न जाएं और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन को तुरंत सूचित करें। एनडीआरएफ और पुलिस बल लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं।
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यह घटना इस बात की चेतावनी है कि प्राकृतिक आपदाओं को हल्के में लेना घातक साबित हो सकता है। सीआईएफ जवानों ने भले ही समय रहते अपनी जान बचा ली हो, लेकिन आंखों के सामने अपने आशियाने और सामान को यूं नदी में बहते देखना बेहद पीड़ादायक अनुभव रहा।