#हादसा
July 8, 2025
हिमाचल : गैस सिलेंडर से भरी गाड़ी कई फीट गहरी खाई में गिरी, चालक की मौके पर ही थम गईं सांसें
तीखी ढलान पर अनियंत्रित हुआ था वाहन,सीधा गहरी खाई में जा गिरा
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देहरा (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश में बढ़ते सड़क हादसों में और इजाफा हो गया है। प्रदेश के कांगड़ा जिला के देहरा में एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई है। यह हादसा पुलिस जिला देहरा के जसवां.परागपुर विधानसभा क्षेत्र के बह ढौंटा गांव में हुआ है। इस सड़क हादसे ने एक बार फिर प्रदेश में सड़कों की सुरक्षा और परिवहन व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया जा रहा है कि यहां गैस सिलेंडरों की सप्लाई करने जा रही गाड़ी अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी, जिसमें चालक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दो अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। वहीं पुलिस ने मौके पर पहुंच कर आगामी जांच शुरू कर दी है।
हादसे में जान गंवाने वाले चालक की पहचान दीप चंद निवासी जालंधर लाहड़ करियाडा के रूप में हुई है। मृतक की मौके पर ही सांसें थम गईं। वहीं। घायल कर्मचारियों में एक की पहचान दयाल नैहरनपुखर निवासी व पूर्व बीडीसी सदस्य दिबेन्द्र सिंह पिंटू के रूप में की गई है, जबकि दूसरे का नाम कमल बताया गया है। दोनों घायल कर्मचारी देहरा स्थित एचपी गैस एजेंसी से जुड़े हैं और उन्हें गंभीर हालत में क्षेत्रीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
स्थानीय लोगों की मानें तो गाड़ी जैसे ही गांव के पास एक तीखे ढलान वाले मोड़ पर पहुंची, तो अचानक ब्रेक फेल हो गए। चालक ने वाहन को संभालने की कोशिश की, लेकिन भारी लोड और तेज ढलान के कारण गाड़ी अनियंत्रित होकर कई फीट नीचे खाई में जा गिरी। जोरदार धमाके की आवाज सुनकर ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और घायलों को बाहर निकालने में जुट गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।
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हिमाचल प्रदेश में सड़क हादसों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में पिछले छह महीनों में ही 850 से अधिक सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें 300 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। इनमें से अधिकतर घटनाएं खराब सड़क हालात, ब्रेक फेल, ओवरस्पीडिंग और चालकों की अनुभवहीनता जैसे कारणों से हो रही हैं।
ऐसे हादसों से न केवल इंसानी जानें जाती हैं बल्कि लोगों के मन में डर और अविश्वास भी गहराता है। देहरा क्षेत्र में हुई इस दुखद घटना ने एक बार फिर यातायात प्रबंधन और सुरक्षा उपायों की समीक्षा की आवश्यकता पर बल दिया है। प्रशासन और परिवहन विभाग को चाहिए कि समय रहते सख्त कदम उठाए जाएं ताकि पहाड़ी इलाकों की सड़कों पर सफर सुरक्षित बन सके।