#हादसा
September 25, 2025
हिमाचल: बेकाबू ट्रक ने बुरी तरह से रौंद डाला स्कूटी सवार, एक घर का बुझा दिया चिराग
स्कूटी को रौंदने के बाद ट्रक सहित मौके से फरार हो गया चालक
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ऊना। हिमाचल प्रदेश का शांत और पहाड़ी इलाका अब सड़कों पर बढ़ती रफ्तार के कारण आए दिन दर्दनाक हादसों का गवाह बनता जा रहा है। ऊना जिले के दौलतपुर क्षेत्र में एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है, जिसमें एक स्कूटी सवार युवक की जान चली गई। तेज रफ्तार और लापरवाही से भरी ड्राइविंग ने एक परिवार से उसका चिराग छीन लिया।
यह दर्दनाक हादसा बुधवार देर रात करीब साढ़े दस बजे हुआ, जब ऊना जिले के गगरेट थाना क्षेत्र के तहत अपर चलेट गांव निवासी सुरजीत सिंह अपनी स्कूटी पर सवार होकर जा रहा था। जैसे ही वह छोटे चौक के पास पहुंचा, सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रक चालक अत्यधिक तेज रफ्तार में वाहन चला रहा था और पूरी तरह से नियंत्रण खो बैठा था। ट्रक ने स्कूटी को साइड से टक्कर मारी, जिससे सुरजीत सड़क पर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद चालक ट्रक सहित मौके से फरार हो गया। हादसे के बाद मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने तुरंत घायल को पास के निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां से डॉक्टरों ने गंभीर हालत को देखते हुए उसे क्षेत्रीय अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन वहां पर उपचार के दौरान सुरजीत सिंह ने दम तोड़ दिया।
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ट्रक चालक हादसे के बाद वाहन समेत मौके से फरार हो गया। बाद में उसकी पहचान सतनाम सिंह निवासी बारुबाल डाकघर मससेबाल जिला रूपनगर पंजाब के रूप में हुई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार ट्रक चालक की तलाश जारी है। मृतक के शव का पोस्टमार्टम कर स्वजनों को सौंप दिया गया है। इस हादसे की पुष्टि करते हुए एएसपी सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि आरोपी ट्रक चालक के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
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यह कोई पहला मामला नहीं है जब हिमाचल की सड़कों पर तेज रफ्तार ने किसी की जान ली हो। राज्य के कई हिस्सों में सड़कें अब डेथ जोन बनती जा रही हैं, जहां रफ्तार और लापरवाही एक जानलेवा कॉम्बिनेशन बन चुकी है। हर साल राज्य में सैकड़ों लोग ऐसे ही हादसों में जान गंवाते हैं, जिनमें अधिकतर मामलों में वाहन चालकों की तेज रफ्तार और लापरवाही ही मुख्य कारण होती है। खासकर ट्रक और बस जैसे भारी वाहन जब लापरवाह चालकों के हाथों में होते हैं, तो हादसे का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।