#हादसा
February 28, 2026
हिमाचल: खाई में गिरते दहकी गाड़ी, जिं*दा ज.ल गए अंदर बैठे 3 लोग, बुजुर्ग पिता से छीन गया अंतिम सहारा
पत्नी और बेटे के बाद 75 वर्षीय बुजुर्ग ने अब बेटी को भी खो दिया
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शिमला। हिमाचल की राजधानी शिमला के रामपुर में शांदलदृबालीधार मार्ग पर शुक्रवार शाम हुआ भीषण सड़क हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि कई परिवारों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल देने वाली त्रासदी बन गया। बोलेरो कैम्पर के गहरी खाई में गिरते ही लगी आग ने तीन जिंदगियों को मौके पर ही निगल लिया, जबकि पीछे छूट गईं ऐसी दर्दभरी कहानियां, जिन्हें सुनकर पूरा क्षेत्र स्तब्ध है।
बताया जा रहा है कि चिकसा क्षेत्र से लौट रही बोलेरो कैम्पर अचानक अनियंत्रित होकर करीब 250 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसा इतना भयावह था कि वाहन नीचे गिरते ही आग की लपटों में घिर गया। गाड़ी में सवार लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल पाया और चालक सहित तीन लोग वाहन के भीतर ही जिंदा जल गए।
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इस हादसे में चालक कपिल देव (41), पुष्पा देवी (67) और उर्मिला देवी उर्फ उर्मिला गोरखी (40) की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से खाई से बाहर निकालकर खनेरी अस्पताल रामपुर पहुंचाया गया। लेकिन इस हादसे की सबसे मार्मिक कहानी गांव मझाली की उर्मिला गोरखी की है, जिनकी मौत ने एक बुज़ुर्ग पिता को पूरी तरह अकेला कर दिया।
उर्मिला ने बचपन में ही अपनी मां और भाई को खो दिया था। परिवार की जिम्मेदारी और भावनात्मक सहारा केवल उनके पिता सोहन लाल ही थे। मां और पिता दोनों की भूमिका निभाते हुए उन्होंने अपनी बेटी को बड़े संघर्षों के बीच पाला.पोसा। समय के साथ उर्मिला ही अपने बुजुर्ग पिता का सहारा बन गईं। गांव के लोग बताते हैं कि वह पिता की हर जरूरत का ध्यान रखती थीं और उनकी जिंदगी का एकमात्र आधार थीं।
लेकिन शुक्रवार शाम आई हादसे की खबर ने सब कुछ खत्म कर दिया। करीब 75 वर्षीय सोहन लाल पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पहले पत्नी, फिर बेटे और अब इकलौती बेटी को खोने का दर्द उन्हें पूरी तरह तोड़ गया है। गांव में हर व्यक्ति यही कह रहा है कि किस्मत ने इस परिवार से सब कुछ छीन लिया।
हादसे की सूचना मिलते ही मझाली और आसपास के गांवों में शोक की लहर फैल गई। ग्रामीणों के अनुसार, जब लोगों को पता चला कि गाड़ी में आग लगने से तीन लोग जिंदा जल गए, तो हर कोई सन्न रह गया। पुष्पा देवी की मौत से भी परिवार और गांव में गहरा दुख है। दोनों महिलाओं का अंतिम संस्कार एक साथ किए जाने की तैयारी ने माहौल को और अधिक भावुक बना दिया।
आज शनिवार को पुलिस ने तीनों शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए। जिसके बाद मझाली गांव में एक साथ दो चिताएं जली। गांव से एक साथ दो चिताएं निकलता देख हर कोई स्तब्ध था। दोनों ही चिताएं महिलाओं की थी। वहीं चालक कपिल देव का अंतिम संस्कार उनके गांव चिकसा में किया गया। तीनों के अंतिम संस्कार में भारी संख्या में लोग पहुंचे थे।