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February 28, 2026
हिमाचल को केंद्र का बड़ा तोहफा: फोरलेन के लिए दिए 294 करोड़, गडकरी ने पोस्ट कर लिखी ये बात
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने जताया मोदी सरकार का आभार
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मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में कीरतपुर-मनाली फोरलेन परियोजना के तहल थलोट क्षेत्र में लगातार हो रही भूस्खलन की समस्या स्या के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार ने इस संवेदनशील हिस्से के सुदृढ़ीकरण के लिए 294.10 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच के माध्यम से यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य मार्ग को हर मौसम में सुरक्षित और सुचारु बनाए रखना है।
थलोट क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति इसे प्राकृतिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण बनाती है। ऊंची ढलानों और कमजोर चट्टानी संरचना के कारण यहां हल्की से मध्यम वर्षा में भी मलबा गिरने की घटनाएं सामने आती रही हैं।
बरसात के मौसम में अक्सर सड़क पर पत्थर और मिट्टी जमा हो जाती है, जिससे यातायात कई-कई घंटे बाधित रहता है। स्थानीय लोगों, व्यापारियों, टैक्सी चालकों और पर्यटकों को बार-बार असुविधा झेलनी पड़ती है। पिछले वर्ष आई प्राकृतिक आपदा के बाद इस हिस्से में कई स्थानों पर सड़क धंसने और ढलानों के और अधिक कमजोर होने की स्थिति बनी, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी।
इस स्वीकृत बजट के तहत अब ढलानों का वैज्ञानिक तरीके से स्थिरीकरण किया जाएगा। परियोजना में आधुनिक रिटेनिंग वॉल का निर्माण, कंक्रीट स्ट्रेंथनिंग, रॉक बोल्टिंग, वायर मैशिंग और जियोटेक्निकल ट्रीटमेंट जैसे उपाय अपनाए जाएंगे।
साथ ही उन्नत ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाएगा, ताकि वर्षा का पानी तेजी से बह सके और ढलानों पर अतिरिक्त दबाव न बने। विशेषज्ञ इंजीनियरों और भू-वैज्ञानिकों की निगरानी में चरणबद्ध ढंग से कार्य पूरा करने की योजना है।
यह मार्ग केवल एक सामान्य सड़क नहीं, बल्कि हिमाचल के पर्यटन और सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण जीवनरेखा है। मंडी से कुल्लू-मनाली, आगे लाहौल-स्पीति और लेह की ओर जाने वाले हजारों वाहन प्रतिदिन इसी मार्ग से गुजरते हैं।
सेब, सब्जियों और अन्य कृषि उत्पादों की ढुलाई भी इसी सड़क पर निर्भर करती है। ऐसे में मार्ग की मजबूती से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सीधा लाभ मिलेगा। पर्यटन सीजन के दौरान यातायात जाम और अचानक सड़क बंद होने की समस्या में कमी आने से पर्यटकों का भरोसा भी बढ़ेगा।
नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व CM जयराम ठाकुर ने इस बजट स्वीकृति पर केंद्रीय मंत्री का आभार जताते हुए कहा कि यह निर्णय मंडी और कुल्लू क्षेत्र के लोगों के लिए राहत लेकर आया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि काम जल्द ही शुरू कर निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाएगा।
स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और व्यापार मंडलों ने भी इस पहल का स्वागत किया है और कहा है कि स्थायी समाधान से भविष्य में बार-बार होने वाली परेशानी से मुक्ति मिलेगी। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि परियोजना का कार्य कब शुरू होता है और कितनी तेजी से आगे बढ़ता है।
लोगों का कहना है कि अगर योजना तय मानकों के अनुरूप पूरी होती है, तो थलोट क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही भूस्खलन की समस्या काफी हद तक नियंत्रित की जा सकेगी। इससे यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और भरोसेमंद यात्रा सुविधा उपलब्ध होगी तथा हिमाचल की पर्यटन एवं परिवहन व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।